हरियाणा पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड मेला ग्राउंड में 6 फरवरी से 8 फरवरी 2026 तक तीन दिवसीय 41वीं राज्य स्तरीय पशुधन प्रदर्शनी का भव्य आयोजन किया जा रहा है। यह प्रदर्शनी प्रदेश के पशुपालकों, डेयरी किसानों, वैज्ञानिकों और पशुधन से जुड़े उद्यमियों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित होगी।
इस राज्य स्तरीय आयोजन में हरियाणा के विभिन्न जिलों से उत्तम गुणवत्ता वाली नस्लों के लगभग 1500 पशु हिस्सा लेंगे। इनमें देसी व उन्नत नस्ल की गायें, भैंसें, बैल, बछड़े, बछियां, बकरियां और अन्य पशुधन शामिल होंगे। प्रदर्शनी में पशुओं को अलग-अलग श्रेणियों में प्रदर्शित किया जाएगा, जहां उनकी नस्ल, स्वास्थ्य, दूध उत्पादन क्षमता और शारीरिक बनावट के आधार पर मूल्यांकन किया जाएगा।
पशुपालन एवं डेयरी विभाग के अधिकारियों के अनुसार इस प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में उन्नत पशुपालन को प्रोत्साहित करना, पशुपालकों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ना और देसी नस्लों के संरक्षण व संवर्धन के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। इसके साथ ही पशुपालकों को बेहतर नस्ल चयन, संतुलित आहार, पशु स्वास्थ्य प्रबंधन और दुग्ध उत्पादन बढ़ाने से जुड़ी नवीन जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी।
प्रदर्शनी के दौरान पशुओं के लिए विशेष रूप से तैयार किए गए स्टॉल, स्वच्छ पानी, चारा, पशु चिकित्सा सेवाएं और विश्राम की समुचित व्यवस्था की जाएगी। पशु चिकित्सकों की टीमें पूरे समय मौजूद रहेंगी ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत उपचार किया जा सके। इसके अलावा पशुपालकों के लिए कार्यशालाएं और संवाद सत्र भी आयोजित किए जाएंगे, जिनमें विशेषज्ञ पशुपालन से जुड़ी आधुनिक योजनाओं और सरकारी सहायता कार्यक्रमों की जानकारी देंगे।
तीन दिवसीय इस आयोजन में श्रेष्ठ पशुओं और उनके पालकों को पुरस्कार देकर सम्मानित भी किया जाएगा। विभिन्न श्रेणियों में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले पशुपालकों को नकद पुरस्कार, प्रमाण पत्र और ट्रॉफी प्रदान की जाएंगी। इससे पशुपालकों में प्रतिस्पर्धा की भावना बढ़ेगी और वे और अधिक गुणवत्ता युक्त पशुधन तैयार करने के लिए प्रेरित होंगे।
कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड मेला ग्राउंड में आयोजित होने वाली यह प्रदर्शनी न केवल हरियाणा बल्कि आसपास के राज्यों के पशुपालकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र रहेगी। विभाग को उम्मीद है कि इस आयोजन से पशुपालन क्षेत्र को नई दिशा मिलेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान होगी। प्रदर्शनी में आम जनता के लिए भी प्रवेश खुला रहेगा, जिससे लोग पशुधन के महत्व और पशुपालन की वैज्ञानिक विधियों से परिचित हो सकेंगे।


