चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने ‘प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना’ के प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक राज्य स्तरीय समिति का गठन किया है।
सरकार द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, यह समिति चयनित जिलों में परियोजना मोड में संचालित की जा रही सभी योजनाओं की नियमित समीक्षा करेगी। समिति का प्रमुख दायित्व यह सुनिश्चित करना होगा कि योजनाओं के लिए पर्याप्त और समय पर वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराए जाएं, ताकि कार्यों में किसी प्रकार की देरी न हो।
इसके साथ ही समिति विभिन्न संबंधित विभागों के बीच प्रभावी समन्वय (कोऑर्डिनेशन) स्थापित करेगी, जिससे योजना के तहत कृषि, सिंचाई, ग्रामीण विकास और अन्य सहायक विभाग मिलकर एकीकृत रूप से कार्य कर सकें।
हरियाणा सरकार का मानना है कि इस उच्चस्तरीय समिति के गठन से योजना के लक्ष्यों की प्राप्ति में तेजी आएगी और किसानों को इसका प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। यह कदम राज्य में कृषि क्षेत्र को सुदृढ़ करने और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।


