आपदा प्रबंधन (संशोधन) अधिनियम, 2025 के अनुपालन में हरियाणा राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) के गठन की प्रक्रिया ने गति पकड़ ली है। राज्य में आपदा प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़, संगठित और प्रभावी बनाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इसी क्रम में वित्तायुक्त राजस्व एवं अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) डॉ. सुमिता मिश्रा की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें बल की स्थापना के लिए एक व्यापक और चरणबद्ध रोडमैप तैयार किया गया।
बैठक में आपदा प्रबंधन से जुड़े विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, गृह विभाग, पुलिस, राजस्व और संबंधित एजेंसियों के प्रतिनिधि शामिल हुए। इस दौरान राज्य में प्राकृतिक और मानव निर्मित आपदाओं से निपटने की मौजूदा तैयारियों की समीक्षा की गई और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए SDRF के ढांचे, संसाधनों और संचालन प्रणाली पर विस्तृत चर्चा की गई।
अधिकारियों ने बताया कि हरियाणा राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल का उद्देश्य राज्य स्तर पर एक प्रशिक्षित, आधुनिक और त्वरित प्रतिक्रिया देने वाली इकाई का गठन करना है, जो बाढ़, भूकंप, अग्निकांड, औद्योगिक दुर्घटनाओं, सड़क हादसों और अन्य आपात स्थितियों में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य कर सके। वर्तमान में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) पर निर्भरता को कम करने और स्थानीय स्तर पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए SDRF का गठन आवश्यक माना जा रहा है।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि बल के जवानों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसमें खोज एवं बचाव, प्राथमिक चिकित्सा, संचार व्यवस्था, आधुनिक उपकरणों का उपयोग और विभिन्न प्रकार की आपदाओं से निपटने की तकनीकें शामिल होंगी। इसके साथ ही, बल को आधुनिक उपकरणों, वाहनों और संचार संसाधनों से लैस करने की योजना भी बनाई गई है।
डॉ. सुमिता मिश्रा ने बैठक में कहा कि बदलते जलवायु परिदृश्य और बढ़ती आपदाओं के मद्देनजर राज्य को एक मजबूत आपदा प्रतिक्रिया तंत्र की आवश्यकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि SDRF के गठन की प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए, ताकि जरूरत पड़ने पर यह बल तुरंत सक्रिय होकर लोगों की जान और संपत्ति की रक्षा कर सके।
उन्होंने यह भी कहा कि SDRF केवल राहत कार्यों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आपदा पूर्व तैयारी, जन जागरूकता और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसके लिए जिला स्तर पर भी समन्वय तंत्र विकसित किया जाएगा, जिससे आपदा की स्थिति में तेजी से निर्णय लेकर कार्रवाई की जा सके।
बैठक में वित्तीय प्रावधानों, मानव संसाधन, कानूनी ढांचे और प्रशासनिक प्रक्रियाओं पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे संबंधित प्रस्तावों को शीघ्र अंतिम रूप देकर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित करें।
हरियाणा राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल का गठन राज्य की आपदा प्रबंधन क्षमता को नई मजबूती देगा। यह पहल न केवल आपात स्थितियों में त्वरित राहत सुनिश्चित करेगी, बल्कि राज्य को एक सुरक्षित और आपदा-संवेदनशील दृष्टिकोण से सशक्त बनाने में भी अहम भूमिका निभाएगी।


