हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा अब केवल किसानों और जवानों की भूमि नहीं, बल्कि खेलों की धरती के रूप में पूरे देश में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की माटी फसल ही नहीं, मैदान में चैंपियन भी पैदा कर रही है। राष्ट्रीय खेलों से लेकर ओलंपिक तक हरियाणा की गूंज सुनाई देती है और सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी प्रतिभाशाली खिलाड़ी संसाधनों के अभाव में पीछे न रहे।
मुख्यमंत्री सोमवार को गुरुग्राम स्थित ताऊ देवी लाल स्टेडियम में मुख्यमंत्री कप-2025 का शुभारंभ करने और 38वें राष्ट्रीय खेलों के पदक विजेताओं को सम्मानित करने के अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने राष्ट्रीय खेलों के 417 पदक विजेता और प्रतिभागी खिलाड़ियों को लगभग 24 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की। कार्यक्रम में हॉकी खिलाड़ी पद्मश्री सविता पूनिया को भी विशेष रूप से सम्मानित किया गया। इस मौके पर उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह, पटौदी विधायक बिमला चौधरी, खेल विभाग के प्रधान सचिव विजय सिंह दहिया और निदेशक पार्थ गुप्ता भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल मंच हमारे युवाओं के सपनों को पंख देते हैं और खिलाड़ी राष्ट्र के गौरव को नई ऊंचाइयों पर ले जाते हैं। उत्तराखंड में आयोजित 38वें राष्ट्रीय खेलों में हरियाणा के 689 खिलाड़ियों ने 33 खेलों में भाग लेकर 153 पदक जीते, जिनमें 48 स्वर्ण, 47 रजत और 58 कांस्य शामिल हैं। यह प्रदर्शन साबित करता है कि हरियाणा आज खेलों का पावर हाउस बन चुका है।
उन्होंने बताया कि सरकार स्वर्ण पदक विजेता को 7 लाख रुपये, रजत पदक विजेता को 5 लाख रुपये और कांस्य पदक विजेता को 3 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि दे रही है। साथ ही प्रतिभागियों को भी 51-51 हजार रुपये की सहायता दी गई है। मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों के माता-पिता और प्रशिक्षकों का भी आभार जताया, जिनके सहयोग से यह उपलब्धियां संभव हुई हैं।
मुख्यमंत्री कप-2025 के बारे में उन्होंने बताया कि यह तीन दिवसीय आयोजन है, जिसमें 6 खेल प्रतियोगिताओं में लगभग 3600 खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। इस कप में स्वर्ण पदक विजेता को 1 लाख, रजत को 70 हजार और कांस्य पदक विजेता को 50 हजार रुपये का नकद इनाम दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह आयोजन हर गांव और हर शहर की प्रतिभा को पहचान कर आगे बढ़ाने की सरकार की सोच का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में ‘खेलो इंडिया’ और ‘फिट इंडिया’ जैसे कार्यक्रमों ने देश में खेल संस्कृति को नई दिशा दी है। हरियाणा सरकार ने पिछले 11 वर्षों में खेल सुविधाओं पर 989 करोड़ रुपये खर्च किए हैं और खेल विभाग का बजट 275 करोड़ से बढ़ाकर 602 करोड़ रुपये से अधिक कर दिया है। प्रदेश में खेल विश्वविद्यालय, आधुनिक स्टेडियम, नर्सरियां और प्रशिक्षण केंद्र विकसित किए गए हैं। साथ ही ‘हरियाणा उत्कृष्ट खिलाड़ी सेवा नियम 2021’ के तहत 231 खिलाड़ियों को सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं।
खेल मंत्री गौरव गौतम ने कहा कि आज हरियाणा का मतलब खेल और खेल का मतलब हरियाणा बन चुका है। सरकार की योजनाओं और मिशन ओलंपिक 2036 ‘विजयी भव’ के जरिए खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं और मंच दिया जा रहा है। कार्यक्रम में डीसी अजय कुमार, हरियाणा खेल विश्वविद्यालय के कुलपति अशोक कुमार सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।


