हरियाणा विधानसभा ने शीतकालीन सत्र के दौरान हरियाणा दुकानें एवं वाणिज्यिक प्रतिष्ठान (संशोधन) अधिनियम, 2025 को पारित कर दिया। यह संशोधन छोटे और मध्यम व्यापारियों को राहत देने, रोजगार सृजन को बढ़ावा देने तथा श्रमिकों के अधिकारों और सुरक्षा को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लाया गया है।
सरकार की ओर से बताया गया कि संशोधन के तहत व्यापारियों पर अनुपालन (कम्प्लायंस) का बोझ कम किया जाएगा, जिससे छोटे दुकानदार और उद्यमी बिना अनावश्यक प्रक्रियाओं के अपने व्यवसाय को सुचारू रूप से संचालित कर सकें। इससे न केवल व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलेगी, बल्कि नए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
विधेयक पर चर्चा के दौरान यह भी स्पष्ट किया गया कि संशोधन में श्रमिकों के हितों की पूरी तरह रक्षा का प्रावधान रखा गया है। कार्यस्थल पर सुरक्षा, कार्य समय और मूलभूत अधिकारों से जुड़े नियमों को संतुलित रखते हुए व्यापार और श्रम—दोनों के लिए अनुकूल वातावरण बनाने का प्रयास किया गया है।
सरकार ने कहा कि यह अधिनियम ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, आत्मनिर्भर भारत और रोजगार-हितैषी नीतियों की दिशा में एक ठोस और दूरगामी कदम है। इसके लागू होने से प्रदेश में व्यापारिक माहौल बेहतर होगा और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है।


