मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में फरीदाबाद में वित्त वर्ष 2026–27 के बजट को लेकर एक महत्वपूर्ण प्री-बजट बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में विभिन्न वर्गों के हितधारकों, विशेषज्ञों और प्रतिनिधियों के साथ व्यापक विचार-विमर्श किया गया, ताकि प्रदेश के लिए एक समावेशी, संतुलित और जन-आकांक्षाओं के अनुरूप बजट तैयार किया जा सके।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार “अंत्योदय” की भावना को केंद्र में रखते हुए बजट निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से सभी हितधारकों से मंत्रणा कर सुझाव लिए जा रहे हैं, ताकि बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज न होकर जनहित का सशक्त माध्यम बने।
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि पिछले वर्ष बजट 2025–26 के निर्माण के दौरान प्राप्त 226 सुझावों में से 71 महत्वपूर्ण और व्यावहारिक सुझावों को बजट में शामिल किया गया था। इन सुझावों के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में विकास को गति मिली और कई जनकल्याणकारी योजनाओं को मजबूती प्रदान की गई। उन्होंने कहा कि यह अनुभव दर्शाता है कि सहभागी शासन की प्रक्रिया से बेहतर और प्रभावी नीतियां बनती हैं।
प्री-बजट बैठक में उद्योग, व्यापार, श्रमिक संगठनों, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक संगठनों और अन्य क्षेत्रों से जुड़े प्रतिनिधियों ने अपने सुझाव रखे। रोजगार सृजन, औद्योगिक विकास, श्रमिक कल्याण, कौशल विकास, बुनियादी ढांचे के विस्तार, शहरी-ग्रामीण संतुलन और सामाजिक सुरक्षा जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने सभी सुझावों को गंभीरता से सुनते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि उपयोगी और प्रभावी प्रस्तावों को बजट में शामिल करने की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने यह भी घोषणा की कि बजट भाषण 2025–26 में की गई घोषणा के अनुरूप उद्योग–श्रमिक मैत्री परिषद के गठन का नोटिफिकेशन अगले सप्ताह जारी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह परिषद उद्योग और श्रमिकों के बीच बेहतर संवाद, समन्वय और सहयोग स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इससे औद्योगिक शांति, उत्पादकता में वृद्धि और श्रमिकों के हितों की रक्षा सुनिश्चित होगी।
बैठक के दौरान अधिकारियों ने बताया कि प्री-बजट परामर्श के माध्यम से प्राप्त सुझावों का विस्तृत विश्लेषण किया जाएगा और विभिन्न विभागों के साथ समन्वय कर उन्हें अंतिम बजट प्रस्ताव का हिस्सा बनाया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि वित्त वर्ष 2026–27 का बजट आर्थिक मजबूती के साथ-साथ सामाजिक समावेशन और रोजगार सृजन को भी प्राथमिकता दे।
फरीदाबाद में आयोजित यह प्री-बजट बैठक हरियाणा सरकार की पारदर्शी और सहभागी शासन की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का विश्वास है कि जनता, विशेषज्ञों और सभी हितधारकों के सहयोग से तैयार किया गया बजट प्रदेश के विकास को नई दिशा देगा और हरियाणा को प्रगति के पथ पर और आगे ले जाएगा।


