हरियाणा के दीर्घकालिक विकास लक्ष्य विज़न 2047 को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत गुरुग्राम में ‘प्री-बजट मंथन’ का आयोजन किया गया। इस संवादात्मक मंच पर वित्त वर्ष 2026-27 के राज्य बजट के लिए विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े हितधारकों, विशेषज्ञों और नागरिकों से महत्वपूर्ण सुझाव प्राप्त किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य बजट निर्माण की प्रक्रिया को अधिक समावेशी, पारदर्शी और जन-केंद्रित बनाना रहा, ताकि हरियाणा के विकास में प्रत्येक नागरिक की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
प्री-बजट मंथन के दौरान यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि हरियाणा का आगामी बजट प्रदेश के हर नागरिक की खुशहाली और हर वर्ग के कल्याण को समर्पित होगा। सरकार ने दोहराया कि बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि आम जनता की आकांक्षाओं और भविष्य की जरूरतों का प्रतिबिंब है। इसी सोच के साथ राज्य सरकार लगातार सेक्टरवार बैठकों का आयोजन कर रही है, जिनमें उद्योग, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, युवा, स्टार्ट-अप, सामाजिक संगठनों और विशेषज्ञों से सुझाव आमंत्रित किए जा रहे हैं।
बैठक में वक्ताओं ने रोजगार सृजन, कौशल विकास, ग्रामीण-शहरी संतुलित विकास, किसानों की आय बढ़ाने, स्वास्थ्य और शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने जैसे विषयों पर अपने विचार रखे। उद्योग और व्यापार जगत के प्रतिनिधियों ने निवेश अनुकूल नीतियों, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और नवाचार को बढ़ावा देने पर जोर दिया, जबकि सामाजिक संगठनों ने समाज के कमजोर और वंचित वर्गों के लिए लक्षित योजनाओं की आवश्यकता रेखांकित की।
राज्य सरकार की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया कि हरियाणा के Nayab Singh Saini के नेतृत्व में सरकार बजट निर्माण को सहभागी लोकतंत्र का उदाहरण बनाना चाहती है। सरकार का मानना है कि जब नीति निर्माण में जनता की सीधी भागीदारी होती है, तो योजनाएं अधिक प्रभावी और परिणामोन्मुख बनती हैं। इसी कारण आम नागरिकों से भी अपील की गई कि वे अपने सुझाव और अपेक्षाएं सरकार तक पहुंचाएं।
प्री-बजट मंथन में यह भरोसा दिलाया गया कि प्राप्त सभी सुझावों का गहन अध्ययन किया जाएगा और व्यवहारिक व जनहित से जुड़े प्रस्तावों को बजट में प्राथमिकता के साथ शामिल किया जाएगा। सरकार वित्तीय अनुशासन बनाए रखते हुए संसाधनों का सर्वोत्तम उपयोग करने और विकास व कल्याण के बीच संतुलन कायम रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
कार्यक्रम के अंत में प्रदेश के प्रत्येक परिवारजन से आह्वान किया गया कि वे वित्त वर्ष 2026-27 के बजट निर्माण में सक्रिय सहभागिता करें। सरकार ने कहा कि सशक्त और समृद्ध हरियाणा का निर्माण तभी संभव है, जब नीति, प्रशासन और जनता एक साझा उद्देश्य के साथ आगे बढ़ें। प्री-बजट मंथन जैसे आयोजनों के माध्यम से हरियाणा एक ऐसे विकास मॉडल की ओर अग्रसर है, जिसमें “आपकी राय” वास्तव में “हमारा संकल्प” बनकर प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखेगी।


