मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने फरीदाबाद के सूरजकुंड में आयोजित बजट पूर्व परामर्श बैठक के दूसरे सत्र में स्वास्थ्य क्षेत्र के प्रतिनिधियों, विशेषज्ञों एवं वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आगामी राज्य बजट को लेकर विस्तृत और सार्थक संवाद किया। इस दौरान स्वास्थ्य सेवाओं की वर्तमान स्थिति, भविष्य की आवश्यकताओं और जन-आकांक्षाओं के अनुरूप नीतिगत सुधारों पर गहन चर्चा की गई।
मुख्यमंत्री ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि “हरियाणा का प्रत्येक नागरिक मेरा परिवार है और इस परिवार के स्वास्थ्य की रक्षा करना मेरी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का संकल्प है कि स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाएं केवल कागज़ों और फाइलों तक सीमित न रहें, बल्कि उनका प्रभाव ज़मीन पर दिखाई दे और अंतिम व्यक्ति तक उनका वास्तविक लाभ पहुंचे।
बैठक में सरकारी व निजी स्वास्थ्य संस्थानों के प्रतिनिधियों, डॉक्टरों, मेडिकल कॉलेजों, स्वास्थ्य विशेषज्ञों और प्रशासनिक अधिकारियों ने भाग लिया। प्रतिभागियों ने प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने, जिला व उप-जिला अस्पतालों में सुविधाओं के विस्तार, आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता, डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की कमी को दूर करने, डिजिटल हेल्थ सेवाओं तथा टेलीमेडिसिन को बढ़ावा देने जैसे विषयों पर अपने सुझाव रखे।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार का फोकस केवल उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि निवारक स्वास्थ्य देखभाल (Preventive Healthcare) को भी प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ समाज ही सशक्त राज्य की नींव होता है, इसलिए पोषण, स्वच्छता, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण और जन-जागरूकता अभियानों को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।
बैठक में यह भी चर्चा हुई कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच स्वास्थ्य सुविधाओं की असमानता को कैसे कम किया जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि दूर-दराज़ और पिछड़े क्षेत्रों में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए विशेष योजनाएं बनाई जाएं। इसके साथ ही आयुष, मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं और बुजुर्गों की देखभाल से जुड़े कार्यक्रमों को भी बजट में समुचित स्थान देने पर जोर दिया गया।
स्वास्थ्य क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री के समक्ष सुझाव रखा कि मेडिकल शिक्षा, रिसर्च और पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में और सुधार किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने इन सुझावों का स्वागत करते हुए कहा कि सभी सार्थक और व्यावहारिक प्रस्तावों को आगामी बजट में शामिल करने पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।
बैठक के अंत में मुख्यमंत्री ने दोहराया कि बजट निर्माण की यह प्रक्रिया सहभागी शासन का उदाहरण है, जिसमें सभी हितधारकों की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि आने वाला बजट हरियाणा के नागरिकों के बेहतर स्वास्थ्य, सुलभ इलाज और मजबूत स्वास्थ्य व्यवस्था की दिशा में एक ठोस कदम साबित होगा। सरकार का लक्ष्य है कि हरियाणा में स्वास्थ्य सेवाएं भरोसेमंद, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण बनें, ताकि कोई भी नागरिक इलाज के अभाव में पीछे न रह जाए।


