हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी कल मानेसर और पानीपत में बजट-पूर्व परामर्श कार्यक्रम के तहत उद्योग और व्यापार जगत से जुड़े प्रमुख हितधारकों के साथ संवाद करेंगे। इस पहल का उद्देश्य आगामी राज्य बजट को अधिक समावेशी, विकासोन्मुख और जन-आकांक्षाओं के अनुरूप तैयार करना है। सरकार का मानना है कि उद्योग, व्यापार और उद्यमिता से जुड़े सुझावों को बजट में शामिल करने से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी और रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, मानेसर में आयोजित होने वाले संवाद कार्यक्रम में ऑटोमोबाइल, आईटी, लॉजिस्टिक्स, एमएसएमई और स्टार्ट-अप सेक्टर से जुड़े प्रतिनिधि भाग लेंगे। वहीं पानीपत में टेक्सटाइल, हैंडलूम, पैकेजिंग और स्थानीय व्यापार से जुड़े उद्यमियों के साथ विस्तृत चर्चा की जाएगी। मुख्यमंत्री इन बैठकों में उद्योगों के सामने आ रही चुनौतियों, निवेश माहौल, बुनियादी ढांचे, कर-सरलीकरण और कौशल विकास जैसे विषयों पर सुझाव प्राप्त करेंगे।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पहले भी स्पष्ट किया है कि राज्य का बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि 2.8 करोड़ हरियाणावासियों की आकांक्षाओं का प्रतिबिंब होना चाहिए। इसी सोच के तहत सरकार बजट-पूर्व परामर्श कार्यक्रमों के माध्यम से विभिन्न वर्गों—किसान, श्रमिक, युवा, महिला, पंचायत प्रतिनिधि और अब उद्योग-व्यापार जगत—से सीधा संवाद कर रही है। मुख्यमंत्री का मानना है कि सहभागी बजट प्रक्रिया से नीतियां अधिक व्यावहारिक और प्रभावी बनती हैं।
कार्यक्रम के दौरान निवेश को प्रोत्साहन देने, उद्योग-अनुकूल नीतियों को मजबूत करने और ‘विकसित हरियाणा-2047’ के लक्ष्य को गति देने पर भी चर्चा होगी। सरकार का फोकस ईज-ऑफ-डूइंग-बिजनेस, समयबद्ध स्वीकृतियां, बेहतर कनेक्टिविटी और ऊर्जा उपलब्धता पर रहेगा। साथ ही, एमएसएमई इकाइयों के लिए वित्तीय सहायता, टेक्नोलॉजी अपग्रेडेशन और निर्यात प्रोत्साहन जैसे सुझावों पर भी मंथन होने की संभावना है।
पानीपत के उद्योग प्रतिनिधि विशेष रूप से टेक्सटाइल सेक्टर की प्रतिस्पर्धात्मकता, आधुनिक मशीनरी, स्किल ट्रेनिंग और पर्यावरण-अनुकूल उत्पादन से जुड़े मुद्दे उठाएंगे। वहीं मानेसर क्षेत्र के उद्योगपति लॉजिस्टिक्स, सप्लाई-चेन सुधार और स्टार्ट-अप इकोसिस्टम को लेकर अपनी अपेक्षाएं साझा करेंगे। मुख्यमंत्री इन सुझावों को संकलित कर बजट 2026-27 में यथासंभव शामिल करने के निर्देश दे सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के बजट-पूर्व संवाद प्रदेश में निवेशकों का विश्वास बढ़ाते हैं और सरकार-उद्योग के बीच सहयोग को मजबूत करते हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का यह कदम संकेत देता है कि सरकार विकास, रोजगार और उद्यमिता को केंद्र में रखकर बजट तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है। मानेसर और पानीपत में होने वाला यह संवाद आगामी राज्य बजट की दिशा और प्राथमिकताओं को तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।


