हरियाणा सरकार ने राज्य के अनुसूचित जाति (SC), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) एवं विमुक्त जनजाति (DNT) वर्ग के छात्रों को शिक्षा के क्षेत्र में प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सरकार ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 के दौरान पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना तथा पीएम-यशस्वी घटक–II के अंतर्गत लाभ प्राप्त करने के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं। इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना है, ताकि वे बिना किसी आर्थिक बाधा के अपनी पढ़ाई जारी रख सकें।
सरकारी जानकारी के अनुसार, इस योजना के तहत पात्र छात्र राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल (NSP) के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल रखी गई है, जिससे छात्रों को पारदर्शी और सरल तरीके से छात्रवृत्ति का लाभ मिल सके। पोर्टल के माध्यम से आवेदन करने वाले छात्रों की जानकारी संबंधित विभागों द्वारा सत्यापित की जाएगी।
पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत अनुसूचित जाति के वे छात्र लाभ लेने के पात्र होंगे, जो मैट्रिक के बाद किसी मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थान में अध्ययनरत हैं। वहीं पीएम-यशस्वी घटक–II के अंतर्गत अन्य पिछड़ा वर्ग और विमुक्त जनजाति के छात्रों को कवर किया गया है। इस योजना के माध्यम से ट्यूशन फीस, परीक्षा शुल्क, मेंटेनेंस भत्ता सहित अन्य शैक्षणिक खर्चों में सहायता प्रदान की जाती है।
सरकार का मानना है कि इन योजनाओं से राज्य में शिक्षा के क्षेत्र में समान अवसर सुनिश्चित होंगे और सामाजिक रूप से पिछड़े वर्गों के छात्र भी उच्च शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़ सकेंगे। अधिकारियों के अनुसार, छात्रवृत्ति योजनाएं न केवल छात्रों का आर्थिक बोझ कम करती हैं, बल्कि उन्हें आगे बढ़ने और आत्मनिर्भर बनने के लिए भी प्रेरित करती हैं।
आवेदन करने के लिए छात्रों को अपनी शैक्षणिक योग्यता, आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, बैंक खाता विवरण और संस्थान से संबंधित आवश्यक दस्तावेज पोर्टल पर अपलोड करने होंगे। सभी विवरण सही और सत्य होना अनिवार्य है, क्योंकि गलत जानकारी पाए जाने पर आवेदन निरस्त किया जा सकता है।
हरियाणा सरकार ने पात्र छात्रों से अपील की है कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन प्रक्रिया पूरी करें और किसी भी प्रकार की त्रुटि से बचें। साथ ही, छात्रों को सलाह दी गई है कि वे आवेदन सबमिट करने से पहले सभी जानकारी को ध्यानपूर्वक जांच लें।
अंत में अधिकारियों ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी प्रतिभाशाली छात्र केवल आर्थिक कारणों से शिक्षा से वंचित न रहे। पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति और पीएम-यशस्वी योजना जैसे कार्यक्रम इसी दिशा में एक मजबूत प्रयास हैं, जो आने वाले समय में हजारों छात्रों के भविष्य को नई दिशा देंगे।


