हरियाणा में लागू किए गए नए आपराधिक कानूनों के सकारात्मक और प्रभावी परिणाम सामने आने लगे हैं। राज्य ने नए कानूनी प्रावधानों के तहत 72 प्रतिशत की उल्लेखनीय सजा दर हासिल की है, जो पूर्ववर्ती कानूनी ढांचे के अंतर्गत दर्ज 24 प्रतिशत सजा दर की तुलना में तीन गुना अधिक है।
यह जानकारी गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमित मिश्रा ने साझा करते हुए बताया कि यह आंकड़े जुलाई 2024 से नवंबर 2025 की अवधि के दौरान दर्ज मामलों के विश्लेषण पर आधारित हैं।
डॉ. सुमित मिश्रा ने कहा कि नए आपराधिक कानूनों के तहत जांच प्रक्रिया को अधिक वैज्ञानिक, समयबद्ध और परिणामोन्मुख बनाया गया है। डिजिटल साक्ष्य, फॉरेंसिक जांच, त्वरित चार्जशीट और पीड़ित-केंद्रित दृष्टिकोण ने न्याय प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाया है।
उन्होंने बताया कि पुलिस, अभियोजन और न्यायिक तंत्र के बीच बेहतर समन्वय के चलते मामलों के निपटान में तेजी आई है, जिससे दोषियों को सजा दिलाने की प्रक्रिया मजबूत हुई है। यह बदलाव कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने और आम नागरिकों में न्याय के प्रति विश्वास बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
राज्य सरकार का मानना है कि नए आपराधिक कानून न केवल अपराध नियंत्रण में सहायक सिद्ध हो रहे हैं, बल्कि पारदर्शी, संवेदनशील और जवाबदेह न्याय व्यवस्था की नींव भी मजबूत कर रहे हैं।


