हरियाणा सरकार ने मिलावटी और असुरक्षित खाद्य पदार्थ बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। कई जिलों में पनीर और देसी घी के नमूने फेल पाए गए, दोषियों पर कानूनी कार्रवाई शुरू।
कई जिलों में पनीर और देसी घी के नमूने फेल, बिक्री पर रोक, दोषी विक्रेताओं पर कानूनी कार्रवाई शुरू
हरियाणा सरकार ने मिलावटी और असुरक्षित खाद्य पदार्थों की बिक्री करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाते हुए सख्त कार्रवाई करने का फैसला लिया है। राज्य की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग और खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमों द्वारा हाल ही में राज्य के कई जिलों में विशेष जांच अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत पलवल, हिसार, नूंह, महेंद्रगढ़, झज्जर, रेवाड़ी और पानीपत सहित कई जिलों में दूध और दुग्ध उत्पादों के नमूने लिए गए। जांच के दौरान पनीर और देसी घी के कई नमूने असुरक्षित और मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए।
रिपोर्ट के अनुसार, कुछ नमूनों में गुणवत्ता बेहद खराब पाई गई, जबकि कुछ में मिलावट की पुष्टि हुई है। इसके बाद संबंधित उत्पादों की बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है और दोषी पाए गए विक्रेताओं के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
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स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता जनता को सुरक्षित और शुद्ध खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इस तरह के निरीक्षण अभियान आगे भी नियमित रूप से चलाए जाएं, ताकि मिलावटखोरों पर लगाम लगाई जा सके।
उन्होंने यह भी कहा कि मिलावटी खाद्य पदार्थ न केवल लोगों की सेहत के लिए खतरा हैं, बल्कि यह गंभीर बीमारियों का कारण भी बन सकते हैं। इसलिए सरकार ऐसे मामलों में किसी भी तरह की ढील नहीं बरतेगी और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सरकार के इस कदम से आम जनता में भी विश्वास बढ़ा है और उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले समय में बाजार में बिकने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता में सुधार देखने को मिलेगा।


