राज्य में लंबे समय से लंबित म्यूटेशन और अन्य राजस्व मामलों के त्वरित समाधान के लिए हरियाणा सरकार ने एक अहम और जनहितकारी पहल की है। सरकार द्वारा राज्यव्यापी अभियान ‘जलसा-ए-आम’ की शुरुआत की गई है, जिसका उद्देश्य आम जनता की समस्याओं का समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से निस्तारण सुनिश्चित करना है। इस अभियान के तहत विशेष रूप से लंबित म्यूटेशन मामलों को प्राथमिकता के आधार पर सुलझाया जाएगा।
सरकारी जानकारी के अनुसार, यह अभियान जनवरी माह के सभी शनिवारों—10, 17, 24 और 31 जनवरी—को आयोजित किया जाएगा। इन दिनों राज्य के सभी जिलों, उपमंडलों और तहसीलों में विशेष शिविर और जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें राजस्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारी स्वयं मौजूद रहेंगे। इससे आम नागरिकों को अपनी समस्याएं सीधे प्रशासन के समक्ष रखने का अवसर मिलेगा।
म्यूटेशन से जुड़े मामलों में देरी के कारण किसानों, जमीन मालिकों और आम नागरिकों को लंबे समय से परेशानियों का सामना करना पड़ता रहा है। जमीन की खरीद-बिक्री, विरासत, बंटवारे और सरकारी योजनाओं के लाभ में म्यूटेशन एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया होती है। ‘जलसा-ए-आम’ अभियान के माध्यम से सरकार का लक्ष्य है कि ऐसे सभी लंबित मामलों को तय समय सीमा में निपटाया जाए, ताकि लोगों को अनावश्यक कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान के दौरान न केवल म्यूटेशन बल्कि अन्य राजस्व मामलों—जैसे भूमि विवाद, इंतकाल, जमाबंदी से संबंधित त्रुटियां और रिकॉर्ड सुधार—पर भी सुनवाई की जाएगी। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे मामलों का मौके पर ही निस्तारण करें या फिर स्पष्ट समयसीमा के साथ समाधान की प्रक्रिया तय करें।
राज्य सरकार का मानना है कि ‘जलसा-ए-आम’ जैसे अभियानों से प्रशासन और जनता के बीच विश्वास मजबूत होगा। यह पहल पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। साथ ही, डिजिटल रिकॉर्ड और ऑनलाइन प्रक्रियाओं के साथ इस अभियान को जोड़कर कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाने की योजना भी बनाई गई है।
ग्रामीण क्षेत्रों में इस अभियान को लेकर खास उत्साह देखा जा रहा है, क्योंकि म्यूटेशन से जुड़े अधिकतर मामले गांवों और कृषि भूमि से संबंधित होते हैं। किसानों और जमीन मालिकों को उम्मीद है कि अब वर्षों से अटके मामलों का समाधान जल्द होगा और वे बिना किसी बाधा के अपनी जमीन से जुड़े अधिकारों का उपयोग कर सकेंगे।
प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे निर्धारित तिथियों पर अपने संबंधित कार्यालयों या शिविरों में आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित हों, ताकि उनके मामलों का शीघ्र निस्तारण किया जा सके। कुल मिलाकर, ‘जलसा-ए-आम’ अभियान को हरियाणा में राजस्व सुधार और जनहितकारी प्रशासन की दिशा में एक प्रभावी और दूरदर्शी पहल के रूप में देखा जा रहा है।


