“हरियाणा स्टेट टेक्निकल एडवाइजरी कमेटी ऑन फ्लड्स” (HSTAC) की बैठक की अध्यक्षता करते हुए वित्त आयुक्त (राजस्व एवं आपदा प्रबंधन) डॉ. सुमित मिश्रा ने राज्यभर में चल रही बाढ़ नियंत्रण योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उपायुक्तों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि ₹528 करोड़ की लागत से क्रियान्वित की जा रही 328 बाढ़ नियंत्रण योजनाओं पर कड़ी निगरानी रखी जाए और कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता न हो।
डॉ. सुमित मिश्रा ने निर्देश दिए कि सभी बाढ़ नियंत्रण परियोजनाओं को आगामी मानसून से पहले समयबद्ध तरीके से पूर्ण किया जाए, ताकि संभावित बाढ़ से जन-धन की हानि को रोका जा सके। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं का उद्देश्य केवल आपदा प्रबंधन नहीं, बल्कि दीर्घकालिक समाधान सुनिश्चित करना है।
बैठक के दौरान उन्होंने सभी उपायुक्तों को निर्देशित किया कि संबंधित योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट तीन दिन के भीतर मुख्यालय को भेजी जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि कार्यस्थलों पर तकनीकी मानकों और सुरक्षा उपायों का पूर्ण रूप से पालन हो।
वित्त आयुक्त ने कहा कि बाढ़ नियंत्रण राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से समन्वय, जवाबदेही और सतत निगरानी के साथ कार्य करने का आह्वान किया, ताकि मानसून से पहले प्रदेश पूरी तरह तैयार रहे।
"हरियाणा स्टेट टेक्निकल एडवाइजरी कमेटी ऑन फ्लड्स" (HSTAC) की बैठक की अध्यक्षता करते हुए वित्त आयुक्त (राजस्व एवं आपदा प्रबंधन) डॉ. @sumitamisra ने उपायुक्तों को ₹528 करोड़ की लागत वाली 328 बाढ़ नियंत्रण योजनाओं की समीक्षा, कड़ी निगरानी, गुणवत्ता सुनिश्चित करने, मानसून से पहले… pic.twitter.com/VCPp5sZwF7
— DPR Haryana (@DiprHaryana) December 23, 2025


