प्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को अधिक लाभकारी बनाने के उद्देश्य से निरंतर दूरदर्शी और किसान हितैषी नीतियां लागू कर रही है। इसी कड़ी में हरियाणा सरकार ने हरियाणा बागवानी नर्सरी एक्ट–2025 को लागू किया है। कृषि मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने इस अधिनियम की जानकारी देते हुए बताया कि इसका मुख्य उद्देश्य फलों, फूलों, सब्जियों, औषधीय पौधों एवं अन्य बागवानी फसलों के उच्च गुणवत्ता वाले पौधे किसानों और उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराना है।
कृषि मंत्री ने कहा कि प्रदेश में बागवानी क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं, लेकिन अब तक गुणवत्ता युक्त पौध सामग्री की कमी किसानों के लिए एक बड़ी चुनौती रही है। नए अधिनियम के लागू होने से नर्सरियों में गुणवत्ता मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे किसानों को प्रमाणित और रोगमुक्त पौधे प्राप्त होंगे। इससे फसलों की उत्पादकता बढ़ेगी और किसानों की आय में सीधा इजाफा होगा।
उन्होंने बताया कि हरियाणा बागवानी नर्सरी एक्ट–2025 के तहत राज्य में संचालित सभी निजी और सरकारी नर्सरियों का पंजीकरण अनिवार्य किया गया है। इसके साथ ही पौधों की गुणवत्ता, उत्पादन प्रक्रिया, भंडारण और बिक्री से संबंधित स्पष्ट दिशा-निर्देश निर्धारित किए गए हैं। इससे बाजार में घटिया और नकली पौध सामग्री की आपूर्ति पर रोक लगेगी और किसानों का भरोसा बागवानी क्षेत्र की ओर बढ़ेगा।
कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य किसानों को परंपरागत खेती के साथ-साथ बागवानी की ओर प्रोत्साहित करना है, क्योंकि बागवानी फसलें कम समय में अधिक लाभ देने की क्षमता रखती हैं। फल, फूल, सब्जियां और औषधीय पौधे न केवल घरेलू बाजार में बल्कि निर्यात के क्षेत्र में भी किसानों के लिए नए अवसर खोलते हैं। यह अधिनियम बागवानी को एक संगठित और लाभकारी व्यवसाय के रूप में विकसित करने में मदद करेगा।
उन्होंने यह भी बताया कि अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए निरीक्षण और निगरानी की व्यवस्था की गई है। गुणवत्ता मानकों का उल्लंघन करने वाली नर्सरियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान रखा गया है, ताकि किसानों के हितों की रक्षा हो सके। साथ ही, नर्सरी संचालकों को प्रशिक्षण और तकनीकी मार्गदर्शन भी प्रदान किया जाएगा, जिससे वे आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर बेहतर पौध उत्पादन कर सकें।
प्रदेश सरकार बागवानी क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए सब्सिडी, तकनीकी सहायता और विपणन सुविधाएं भी उपलब्ध करा रही है। कृषि मंत्री ने कहा कि बागवानी नर्सरी एक्ट–2025 किसानों की आमदनी दोगुनी करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त किया जा सकेगा, बल्कि कृषि क्षेत्र में विविधीकरण को भी बढ़ावा मिलेगा।
अंत में उन्होंने विश्वास जताया कि इस अधिनियम के लागू होने से हरियाणा में बागवानी का दायरा व्यापक होगा और प्रदेश के किसान आधुनिक, टिकाऊ और लाभकारी खेती की ओर अग्रसर होंगे। यह कानून राज्य के कृषि विकास में एक नई क्रांति का मार्ग प्रशस्त करेगा।


