मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई बैठक में 40 से अधिक विभागों की खरीद प्रक्रियाओं को मंजूरी मिली, जिससे पेयजल, सड़क, परिवहन और ऊर्जा परियोजनाओं को रफ्तार मिलेगी।
हरियाणा सरकार ने राज्य में विकास कार्यों को तेज रफ्तार देने के लिए बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए 40 से अधिक विभागों की विभिन्न खरीद प्रक्रियाओं को अंतिम रूप दे दिया है। यह निर्णय मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आयोजित हाई पावर परचेज कमेटी की बैठक में लिया गया, जिसमें बिजली, जनस्वास्थ्य, लोक निर्माण, सिंचाई, परिवहन, आईटी और अन्य विभागों से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य आम जनता को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग हो और कार्य तय समय-सीमा के भीतर गुणवत्ता मानकों के अनुसार पूरे किए जाएं। उन्होंने दो टूक कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और हर एक रुपये के सही उपयोग पर सरकार की कड़ी नजर रहेगी।
पेयजल परियोजनाओं को मिली बड़ी राहत
बैठक में पलवल शहर के लिए अमृत-2 योजना के तहत दो रेनिवेल और एक बूस्टिंग स्टेशन के निर्माण की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया गया, जिस पर लगभग 100 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके अलावा महेंद्रगढ़ के गांव सिरोही बिहाली में 6 एमएलडी क्षमता के जलघर के निर्माण को मंजूरी दी गई, जिसकी लागत 53.47 करोड़ रुपये होगी और इससे आसपास के करीब 39 गांवों को स्वच्छ पेयजल मिलेगा। रेवाड़ी शहर में भी 27 करोड़ रुपये की लागत से 8 एमएलडी क्षमता का रॉ-वाटर स्टोरेज टैंक बनाया जाएगा, जिससे पेयजल आपूर्ति व्यवस्था मजबूत होगी।
सड़क और भवन निर्माण को हरी झंडी
झज्जर के छुछकवास-मातनहेल मार्ग के सुदृढ़ीकरण के लिए 37.89 करोड़ रुपये और टोहाना में धारसूल-रतिया सड़क के लिए 46.20 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही गुरुग्राम में राजकीय महिला महाविद्यालय के लिए 9.37 करोड़ रुपये की लागत से नया शैक्षणिक ब्लॉक और फतेहाबाद में 13.60 करोड़ रुपये की लागत से आबकारी भवन बनाया जाएगा। एचएसआईआईडीसी द्वारा सोहना में 12.80 करोड़ रुपये की लागत से औद्योगिक फेसिलिटेशन सेंटर के निर्माण को भी स्वीकृति दी गई है, जिससे उद्योगों को बड़ी सुविधा मिलेगी।
शहरी परिवहन और इलेक्ट्रिक बसों पर फोकस
प्रधानमंत्री सिटी बस सेवा के तहत फरीदाबाद और गुरुग्राम में 200 इलेक्ट्रिक सिटी बसें उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया गया है। वहीं अंबाला में 13 करोड़ और हिसार में 14 करोड़ रुपये की लागत से इलेक्ट्रिक बस डिपो बनाए जाएंगे। परिवहन विभाग के लिए 19 क्रेनों की खरीद को भी मंजूरी दी गई है। इसके अलावा फरीदाबाद में 16.50 करोड़ रुपये की लागत से जिमखाना क्लब का निर्माण किया जाएगा।
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सुरक्षा और ऊर्जा क्षेत्र में बड़े फैसले
पुलिस विभाग के लिए जिला सचिवालयों और सरकारी भवनों में 163 सिंगल डोर और 183 सीसीटीवी इंटीग्रेटेड मल्टी-ज़ोन मेटल डोर मशीनों की खरीद को मंजूरी दी गई है। ऊर्जा क्षेत्र में पानीपत और करनाल में 7 नए 33 केवी सब-स्टेशनों के लिए 57.25 करोड़ रुपये के उपकरण खरीदे जाएंगे, जबकि सोनीपत, रोहतक और झज्जर में भी 7 नए 33 केवी सब-स्टेशनों के लिए 62.75 करोड़ रुपये की खरीद होगी। अंबाला और यमुनानगर में 66 केवी के नए सब-स्टेशन, रेवाड़ी के धारूहेड़ा में 66 केवी और गुरुग्राम सेक्टर-75ए में 220 केवी सब-स्टेशन की स्थापना को भी मंजूरी दी गई है।
दामला ब्रिज और भालोठ डिस्ट्रीब्यूटरी का होगा कायाकल्प
यमुनानगर के दामला गांव में 13.39 करोड़ रुपये की लागत से नए ब्रिज का निर्माण और रोहतक में भालोठ डिस्ट्रीब्यूटरी की रिमॉडलिंग व क्षमता वृद्धि के लिए 97.45 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
बैठक में कई मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सरकार का कहना है कि इन फैसलों से राज्य में आधारभूत ढांचे, परिवहन, ऊर्जा और पेयजल जैसी सेवाओं में बड़ा सुधार होगा और हरियाणा के विकास कार्यों को नई गति मिलेगी।


