विधानसभा सदन में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर दिए गए जवाब में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि वर्ष 2014 से पहले प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा और विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या बेहद सीमित थी। उस समय हर वर्ष केवल लगभग 700 एमबीबीएस डॉक्टर और मात्र 4 विशेषज्ञ डॉक्टर ही उपलब्ध हो पाते थे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में यह स्थिति पूरी तरह बदली है। अब प्रदेश में हर वर्ष लगभग 2500 एमबीबीएस डॉक्टर और करीब 200 विशेषज्ञ डॉक्टर तैयार हो रहे हैं, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं को बड़ी मजबूती मिली है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने अस्पतालों के व्यापक अपग्रेडेशन का कार्य किया है। आधुनिक मशीनों, बेहतर सुविधाओं और प्रशिक्षित स्टाफ के साथ सरकारी अस्पतालों को सुदृढ़ किया गया है। इसके साथ ही हर जिले में मेडिकल कॉलेज और सभी आधुनिक सुविधाओं से युक्त एक अस्पताल विकसित किया जा रहा है, ताकि आम नागरिकों को बेहतर और सुलभ इलाज मिल सके।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सदन में स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य केवल डॉक्टरों की संख्या बढ़ाना ही नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करना है। आने वाले समय में इन प्रयासों से प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी तथा ग्रामीण व शहरी दोनों क्षेत्रों के लोगों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।


