हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री Arti Singh Rao ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि हाई-रिस्क सॉल्वेंट्स और एक्सीपिएंट्स के उपयोग से जुड़े मामलों में नियमों की अनदेखी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि नियमों का उल्लंघन करने वाली दवा एवं फार्मास्यूटिकल कंपनियों पर न केवल भारी जुर्माना लगाया जाएगा, बल्कि उनका लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई भी की जा सकती है।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार नागरिकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा, “प्रदेश के लोगों के स्वास्थ्य के साथ किसी भी कीमत पर खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि दवा निर्माण इकाइयों की नियमित और सघन जांच सुनिश्चित की जाए तथा गुणवत्ता मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता न होने दिया जाए। स्वास्थ्य विभाग को यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि सभी कंपनियां निर्धारित सुरक्षा और गुणवत्ता मानकों का सख्ती से पालन करें।
सरकार के इस कड़े रुख को जनस्वास्थ्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे दवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित होगी और आम जनता का भरोसा मजबूत होगा।


