हरियाणा सरकार ने राज्य को उभरती तकनीकों का केंद्र बनाने की दिशा में एक बड़ा और निर्णायक कदम उठाया है। इसी कड़ी में हरियाणा सरकार की साझेदारी से TIE चंडीगढ़ 31 जनवरी को पहली बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) शिखर सम्मेलन का आयोजन करने जा रहा है। इस महत्वपूर्ण आयोजन में मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे, जो राज्य सरकार की तकनीक आधारित विकास, नवाचार और डिजिटल भविष्य के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
यह एआई शिखर सम्मेलन न केवल हरियाणा बल्कि पूरे देश के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित होने जा रहा है। सम्मेलन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, डेटा एनालिटिक्स, स्टार्टअप इकोसिस्टम और डिजिटल परिवर्तन जैसे विषयों पर गहन चर्चा की जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के आयोजनों से राज्य में तकनीकी निवेश, स्टार्टअप संस्कृति और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
सम्मेलन की विशेष बात यह है कि इसमें लगभग 60 से अधिक प्रतिष्ठित वक्ता भाग लेंगे। ये वक्ता भारत के 11 राज्यों और 4 विभिन्न देशों से आकर अपने अनुभव, शोध और तकनीकी नवाचारों को साझा करेंगे। अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों की भागीदारी से इस सम्मेलन को वैश्विक पहचान मिलने की उम्मीद है, जिससे हरियाणा को एक उभरते हुए एआई हब के रूप में स्थापित करने में मदद मिलेगी।
आयोजकों के अनुसार, सम्मेलन के दौरान विभिन्न पैनल चर्चाएं, कीनोट सेशन और नेटवर्किंग सत्र आयोजित किए जाएंगे। इनमें उद्योग जगत के दिग्गज, स्टार्टअप संस्थापक, शिक्षाविद, नीति-निर्माता और तकनीकी विशेषज्ञ शामिल होंगे। इन सत्रों का उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के व्यावहारिक उपयोग, सरकारी नीतियों में एआई की भूमिका और उद्योग-शिक्षा के सहयोग को बढ़ावा देना है।
हरियाणा सरकार पहले से ही डिजिटल गवर्नेंस, ई-सेवाओं और स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में कई पहल कर रही है। अब एआई शिखर सम्मेलन के माध्यम से सरकार राज्य में नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था को गति देना चाहती है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की मौजूदगी यह संकेत देती है कि सरकार तकनीकी विकास को केवल नीति तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि इसे जमीनी स्तर पर लागू करने के लिए गंभीर है।
विशेषज्ञों का कहना है कि एआई जैसे उभरते क्षेत्रों में निवेश और संवाद से हरियाणा के युवा तकनीकी रूप से सशक्त होंगे। इससे स्टार्टअप्स को प्रोत्साहन मिलेगा और राज्य में नई तकनीकी कंपनियों के आने का मार्ग प्रशस्त होगा। साथ ही, यह सम्मेलन शिक्षा संस्थानों और उद्योग के बीच सहयोग को भी मजबूत करेगा।
कुल मिलाकर, TIE चंडीगढ़ द्वारा आयोजित यह पहला एआई शिखर सम्मेलन हरियाणा को तकनीकी नवाचार के मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकता है। यह पहल न केवल राज्य के आर्थिक विकास को गति देगी, बल्कि हरियाणा को भविष्य की तकनीकों के लिए तैयार करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।


