हरियाणा सरकार ने हरसमय पोर्टल पर लापता व्यक्तियों के पंजीकरण, GIS पुलिस स्टेशन लोकेटर और CCTNS एकीकरण के साथ डिजिटल पुलिसिंग को नई गति दी।
हरियाणा सरकार ने तकनीक आधारित नागरिक सेवाओं और स्मार्ट पुलिसिंग को और मजबूत करते हुए हरसमय पोर्टल पर ‘लापता व्यक्तियों के पंजीकरण’ की नई सुविधा शुरू कर दी है। इसके साथ ही सत्यापन सेवा प्रमाणपत्रों को डिजिलॉकर से जोड़ा गया है और नागरिकों की सुविधा के लिए जीआईएस-आधारित पुलिस स्टेशन लोकेटर भी लॉन्च किया गया है। इन पहलों से अब ऑनलाइन शिकायत दर्ज करना और जरूरी सेवाओं तक पहुंच पहले से कहीं अधिक आसान हो गई है।
इन उपलब्धियों की जानकारी गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री सुधीर राजपाल की अध्यक्षता में आयोजित राज्य स्तरीय सीसीटीएनएस (क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम्स) की 32वीं बैठक में दी गई। बैठक में बताया गया कि सीसीटीएनएस का ई-कोर्ट्स और ई-प्रोसिक्यूशन प्रणाली से सफलतापूर्वक एकीकरण कर दिया गया है, जिससे जांच अधिकारियों को अदालतों और अभियोजन कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने से राहत मिली है। इसके अलावा, थानाध्यक्षों के लिए कैदियों की रिहाई से जुड़े अलर्ट सिस्टम को भी लागू कर दिया गया है, जिससे प्रक्रियाएं अधिक पारदर्शी और समयबद्ध बन सकें।
डिजिटल कार्यप्रणाली को और सरल बनाने के लिए सीसीटीएनएस के तहत एफआईआर, चालान और अन्य जरूरी दस्तावेजों पर आधार-आधारित जेनरिक ई-साइन सुविधा लागू की गई है। इससे फील्ड अधिकारियों के समय की बचत हो रही है और कागजी कार्यवाही व स्टेशनरी खर्च में भी कमी आई है।
तकनीकी सशक्तिकरण की दिशा में एक और अहम कदम उठाते हुए राष्ट्रीय स्वचालित फिंगरप्रिंट पहचान प्रणाली (NAFIS) और मोबाइल क्राइम यूनिट्स (MCU) सभी जिलों में स्थापित कर दी गई हैं। अब गिरफ्तार आरोपियों के फिंगरप्रिंट, आइरिस स्कैन और शारीरिक माप व्यवस्थित रूप से दर्ज किए जा रहे हैं, जिससे एक मजबूत और केंद्रीकृत आपराधिक डेटाबेस तैयार हो रहा है। एनएएफआईएस अपलोड और एमसीयू तैनाती के मामले में हरियाणा देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो चुका है।
also read :24 फरवरी को भारत में लॉन्च होगा iQOO 15R: 7600mAh बैटरी, Snapdragon 8 Gen 5 और 144FPS गेमिंग सपोर्ट के साथ एंट्री
डिजिटल पुलिसिंग में राज्य के प्रदर्शन का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) द्वारा तैयार प्रगति डैशबोर्ड पर हरियाणा ने लगातार 100 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। जून 2021 से लेकर पिछले 55 महीनों में राज्य 41 बार शीर्ष स्थान पर रहा है। इसके अलावा वर्ष 2022 और 2023 में सीसीटीएनएस-आईसीजेएस की उत्कृष्ट प्रथाओं पर आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलनों में हरियाणा पुलिस को सम्मानित भी किया जा चुका है।
राज्य ने नए आपराधिक कानूनों को तय समय सीमा में लागू कर राष्ट्रीय स्तर पर दूसरा स्थान प्राप्त किया है। इंटरऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (ICJS) के माध्यम से अब तक 247 वाहनों और 400 व्यक्तियों का पता लगाया जा चुका है। वहीं, राइट टू सर्विस (RTS) डैशबोर्ड पर भी हरियाणा पुलिस को 10 में से 10 अंक मिले हैं और 78.33 लाख से अधिक नागरिक सेवा आवेदनों का निपटान निर्धारित समय में किया गया है।
इन सभी पहलों से साफ है कि हरियाणा सरकार तकनीक के जरिए पुलिसिंग को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है।


