हरियाणा सरकार ने राज्य के मत्स्य पालकों के हित में एक नई और महत्वपूर्ण पहल की है। कृषि एवं किसान कल्याण तथा मत्स्य पालन मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मत्स्य पालकों को अपनी मछली बेचने के लिए उनके नजदीक ही बाजार उपलब्ध करवाने की ठोस कार्य योजना तैयार की जाए, ताकि उन्हें बिक्री के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों में न जाना पड़े।
मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि मत्स्य पालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और इससे जुड़े किसानों की आय बढ़ाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में कई मत्स्य पालकों को अपनी उपज बेचने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे परिवहन लागत बढ़ जाती है और समय की भी बर्बादी होती है। नजदीकी बाजार उपलब्ध होने से न केवल उनकी लागत कम होगी, बल्कि उन्हें अपनी मछली का बेहतर मूल्य भी प्राप्त हो सकेगा।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिला और ब्लॉक स्तर पर मत्स्य बाजारों की संभावनाओं का अध्ययन कर ऐसी योजना बनाई जाए, जिससे मत्स्य पालकों को स्थानीय स्तर पर ही विपणन की सुविधा मिल सके। इसके लिए सहकारी समितियों, स्वयं सहायता समूहों और निजी क्षेत्र की भागीदारी पर भी विचार करने को कहा गया है।
मंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार द्वारा मत्स्य पालकों के लाभ के लिए बनाई गई सभी योजनाओं को जल्द से जल्द धरातल पर उतारा जाए। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इन योजनाओं का उद्देश्य मत्स्य पालकों की आय में वृद्धि करना, रोजगार के नए अवसर पैदा करना और मत्स्य पालन को एक लाभकारी व्यवसाय के रूप में विकसित करना है।
श्याम सिंह राणा ने बताया कि सरकार आधुनिक तकनीकों, गुणवत्तापूर्ण बीज, चारा, तालाबों के विकास और प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से मत्स्य पालकों को सशक्त बना रही है। साथ ही, मत्स्य पालन से जुड़े किसानों को वित्तीय सहायता और तकनीकी मार्गदर्शन भी प्रदान किया जा रहा है, ताकि वे वैज्ञानिक तरीके से मत्स्य उत्पादन कर सकें।
उन्होंने कहा कि मत्स्य पालन न केवल किसानों की आय बढ़ाने में सहायक है, बल्कि इससे पोषण सुरक्षा और रोजगार सृजन को भी बढ़ावा मिलता है। सरकार का लक्ष्य है कि हरियाणा को मत्स्य उत्पादन के क्षेत्र में अग्रणी राज्यों में शामिल किया जाए।
बैठक के दौरान अधिकारियों ने मंत्री को विभिन्न योजनाओं की प्रगति से अवगत कराया। मंत्री ने निर्देश दिए कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, इसके लिए नियमित समीक्षा और निगरानी सुनिश्चित की जाए।
अंत में मंत्री श्याम सिंह राणा ने विश्वास जताया कि इन पहलों से हरियाणा के मत्स्य पालकों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और राज्य में मत्स्य पालन क्षेत्र को नई दिशा और गति मिलेगी।


