हरियाणा सरकार ने प्रदूषण नियंत्रण को लेकर अपनी मजबूत प्रतिबद्धता दोहराते हुए NCR क्षेत्र में वायु प्रदूषण कम करने के लिए ठोस और बहुआयामी कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। राज्य सरकार द्वारा पराली प्रबंधन, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने और औद्योगिक इकाइयों में पर्यावरणीय मानकों के सख्त अनुपालन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
सरकार के अनुसार, पराली जलाने की समस्या से निपटने के लिए किसानों को वैकल्पिक तकनीक, मशीनरी और जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि खेतों में अवशेष प्रबंधन वैज्ञानिक तरीके से किया जा सके। वहीं, इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देकर परिवहन क्षेत्र से होने वाले प्रदूषण को कम करने की दिशा में भी प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं।
औद्योगिक क्षेत्रों में प्रदूषण मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के लिए नियमित निरीक्षण और निगरानी की जा रही है। नियमों का उल्लंघन करने वाली इकाइयों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा रही है, ताकि पर्यावरण को होने वाले नुकसान को रोका जा सके।
इसके साथ ही शहरी क्षेत्रों में धूल नियंत्रण और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। सड़कों की नियमित सफाई, निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण उपाय और कचरा प्रबंधन प्रणालियों को सुदृढ़ कर शहरों में स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण बनाने की दिशा में सरकार निरंतर प्रयासरत है।
हरियाणा सरकार ने स्पष्ट किया कि स्वच्छ हवा और बेहतर पर्यावरण नागरिकों का अधिकार है और इसके लिए सरकार दीर्घकालिक और सतत समाधान अपनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।


