प्रदेश में सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक मजबूत, सुलभ व प्रभावी बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सरकारी अस्पतालों में दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने और बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से सरकार ने ₹160 करोड़ की लागत से आवश्यक चिकित्सा उपकरणों और दवाओं की खरीद को मंजूरी प्रदान की है। इस फैसले से प्रदेश के लाखों मरीजों, विशेषकर गरीब और जरूरतमंद वर्ग को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
स्वास्थ्य मंत्री श्रीमती @ArtiSinghRao ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार का प्राथमिक लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी नागरिक को इलाज के अभाव में परेशानी न उठानी पड़े। उन्होंने कहा, “दवाओं और उपकरणों का पर्याप्त स्टॉक यह सुनिश्चित करेगा कि इलाज के अभाव में किसी भी गरीब की उम्मीद न टूटे। स्वस्थ हरियाणा ही समृद्ध हरियाणा की नींव है।”
सरकार द्वारा स्वीकृत इस राशि का उपयोग प्रदेश के जिला अस्पतालों, उप-मंडलीय अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक दवाओं, जांच उपकरणों, ऑपरेशन थिएटर से जुड़े संसाधनों तथा आधुनिक मेडिकल मशीनरी की खरीद के लिए किया जाएगा। इससे अस्पतालों में उपचार की गुणवत्ता में सुधार होगा और मरीजों को समय पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस पहल के तहत उन दवाओं और उपकरणों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिनकी मांग अस्पतालों में लगातार बनी रहती है। इससे दवाओं की कमी की समस्या से निजात मिलेगी और मरीजों को बाहर से महंगी दवाएं खरीदने की मजबूरी नहीं होगी। साथ ही, आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता से जटिल बीमारियों के निदान और उपचार में भी तेजी आएगी।
राज्य सरकार का यह कदम खास तौर पर ग्रामीण और दूरदराज़ के इलाकों के लिए अहम माना जा रहा है, जहां सरकारी अस्पताल ही आम जनता के लिए स्वास्थ्य सेवाओं का मुख्य आधार होते हैं। बेहतर संसाधनों से लैस अस्पतालों के कारण रेफरल की संख्या में कमी आएगी और मरीजों को अपने जिले या क्षेत्र में ही गुणवत्तापूर्ण इलाज मिल सकेगा।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि इस निर्णय से सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली पर लोगों का भरोसा और मजबूत होगा। इसके साथ ही, निजी अस्पतालों पर निर्भरता कम होगी, जिससे आम नागरिकों पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ भी घटेगा।
राज्य सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि दवाओं और उपकरणों की खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा, ताकि संसाधनों का शीघ्र लाभ मरीजों तक पहुंच सके।
कुल मिलाकर, ₹160 करोड़ की यह मंजूरी प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती देने की दिशा में एक बड़ा और सराहनीय कदम है। सरकार का यह प्रयास न केवल वर्तमान जरूरतों को पूरा करेगा, बल्कि भविष्य में एक स्वस्थ, सक्षम और समृद्ध हरियाणा के निर्माण की आधारशिला भी रखेगा


