हरियाणा में बनेगी देश की पहली ‘झूला सेफ्टी पॉलिसी’। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सूरजकुंड झूला हादसे के बाद सख्त कदम उठाने का ऐलान किया, घायलों के इलाज और मुआवजे की भी घोषणा।
हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने घोषणा की है कि राज्य सरकार देश की पहली “झूला सेफ्टी पॉलिसी” तैयार करेगी। इस नीति का उद्देश्य झूलों और मनोरंजन साधनों को पूरी तरह सुरक्षित बनाना और भविष्य में किसी भी तरह की दुर्घटना को रोकना है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि लोगों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस दिशा में कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री मंगलवार को हरियाणा निवास पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। इस अवसर पर सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री कृष्ण कुमार बेदी भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सूरजकुंड में हाल ही में हुए झूला हादसे को सरकार बेहद गंभीरता से ले रही है। उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाए जाएंगे। इस मामले में झूला समिति से जुड़े दो लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है और जांच प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है।
उन्होंने बताया कि प्रस्तावित “झूला सेफ्टी पॉलिसी” के तहत झूलों और मनोरंजन साधनों की नियमित तकनीकी जांच, सुरक्षा मानकों का पालन, लाइसेंसिंग व्यवस्था और संचालन से जुड़े नियमों को और अधिक सख्त बनाया जाएगा। इसके अलावा, बड़े मेलों, उत्सवों और सार्वजनिक आयोजनों में लगाए जाने वाले झूलों की पूर्व जांच अनिवार्य की जाएगी, ताकि किसी भी प्रकार की तकनीकी खामी को समय रहते दूर किया जा सके।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हादसे में घायल हुए सभी लोगों का इलाज चल रहा है और उनके इलाज का पूरा खर्च हरियाणा सरकार वहन करेगी। इसके साथ ही गंभीर रूप से घायल प्रत्येक व्यक्ति को 1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता भी दी जाएगी, ताकि पीड़ित परिवारों को तत्काल राहत मिल सके।
हादसे में शहीद हुए इंस्पेक्टर जगदीश के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शहीद पुलिसकर्मी के परिवार के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। उन्होंने घोषणा की कि शहीद के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी और इसके साथ ही आर्थिक सहायता भी प्रदान की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह घटना प्रशासन और आयोजकों दोनों के लिए एक बड़ा सबक है। सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि भविष्य में किसी भी सार्वजनिक आयोजन में सुरक्षा से कोई समझौता न हो। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी संबंधित विभाग मिलकर एक मजबूत और प्रभावी सुरक्षा ढांचा तैयार करें, ताकि आम जनता बिना किसी डर के मनोरंजन गतिविधियों का आनंद ले सके।
उन्होंने दोहराया कि हरियाणा सरकार नागरिकों की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है और “झूला सेफ्टी पॉलिसी” इसी दिशा में एक ऐतिहासिक कदम साबित होगी। यह नीति न केवल हरियाणा बल्कि पूरे देश के लिए एक मिसाल बनेगी।


