नई दिल्ली में हुई हरियाणा–यूरोपियन व्यापार संघ बैठक में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने निवेश बढ़ाने और यूरोपीय बाजारों तक हरियाणा के उत्पाद पहुंचाने के लिए वर्किंग ग्रुप बनाने की घोषणा की।
हरियाणा और यूरोपीय संघ के बीच व्यापारिक और निवेश सहयोग को नई गति देने के उद्देश्य से नई दिल्ली में हरियाणा–यूरोपियन व्यापार संघ की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने की। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश में हरियाणा–यूरोपीय संघ वर्किंग ग्रुप के गठन की घोषणा करते हुए कहा कि यह पहल दोनों पक्षों के बीच समन्वय को मजबूत करने और निवेश से जुड़ी प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी बनाने में मदद करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार निवेशकों को पारदर्शी, सरल और अनुकूल वातावरण देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि उद्योगों को तेजी से मंजूरी, बेहतर बुनियादी ढांचा और नीति-स्तर पर स्थिरता प्रदान करने के लिए राज्य सरकार लगातार सुधार कर रही है। इससे विदेशी निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा और प्रदेश में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
बैठक में भारत–यूरोपीय संघ के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस समझौते के लागू होने से हरियाणा के किसानों और उद्यमियों के लिए नए बाजार खुलेंगे। खासतौर पर राज्य के फल, सब्जियां और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद सीधे यूरोप के प्रमुख बाजारों तक पहुंच सकेंगे, जिससे कृषि और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
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सीएम सैनी ने यह भी कहा कि हरियाणा पहले से ही ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल, आईटी और फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में निवेश का प्रमुख केंद्र बन चुका है। यूरोपीय कंपनियों के साथ साझेदारी से तकनीक हस्तांतरण, कौशल विकास और निर्यात क्षमता में और इजाफा होगा। उन्होंने वर्किंग ग्रुप को सरकार और उद्योग जगत के बीच सेतु की तरह काम करने वाला मंच बताया, जो निवेश से जुड़ी समस्याओं का समाधान और नई संभावनाओं की पहचान करेगा।
बैठक में मौजूद उद्योग प्रतिनिधियों और यूरोपीय व्यापार संगठनों ने हरियाणा की नीतियों और औद्योगिक माहौल की सराहना की। उन्होंने कहा कि राज्य में लॉजिस्टिक्स, इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल गवर्नेंस में हुए सुधार निवेश के लिए अनुकूल परिस्थितियां बना रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि हरियाणा सरकार का लक्ष्य राज्य को वैश्विक निवेश मानचित्र पर और मजबूत बनाना है, ताकि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक ले जाया जा सके और युवाओं को अधिक रोजगार के अवसर मिलें।


