सीएम नायब सिंह सैनी ने बताया कि खरीफ 2025-26 में 62.13 लाख मीट्रिक टन धान MSP पर खरीदा गया और 12 सीजन में ₹1.64 लाख करोड़ सीधे किसानों के खातों में भेजे गए।
हरियाणा विधानसभा में मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini ने धान खरीद और किसानों के हित में उठाए गए कदमों पर विस्तृत जानकारी देते हुए विपक्ष के आरोपों को निराधार बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि खरीफ सीजन 2025-26 के दौरान भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप पूरी पारदर्शिता के साथ धान की खरीद की गई। इस अवधि में 3,01,000 किसानों से 62,13,000 मीट्रिक टन नॉन-बासमती धान न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदा गया।
उन्होंने बताया कि ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल के तहत 30,17,968 एकड़ क्षेत्र का सत्यापन किया गया और राज्य में 97,86,000 मीट्रिक टन उत्पादन का अनुमान लगाया गया। इस पोर्टल को IFMS के साथ जोड़ने से पिछले पांच महीनों में लगभग ₹700 करोड़ की खाद सब्सिडी की बचत हुई है।
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सीएम सैनी ने विपक्ष द्वारा खरीद आंकड़ों में 30-50 प्रतिशत अंतर के लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पिछले 12 सीजन में किसानों के खातों में ₹1,64,000 करोड़ सीधे हस्तांतरित किए गए हैं।
बाजरा उत्पादक किसानों के लिए भावांतर भरपाई योजना के तहत ₹575 प्रति क्विंटल की दर से लाभ देने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि भारत सरकार द्वारा 10% टूटे चावल की अनुमति के साथ राज्य को 8 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य दिया गया था, जिसे समयबद्ध तरीके से पूरा कर लिया गया।
भविष्य में खरीद प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए जियो-टैगिंग आधारित गेट पास, वाहनों की ऑटोमैटिक नंबर प्लेट कैप्चर प्रणाली, गोदामों की जियो-फेंसिंग तथा एंट्री-एग्जिट गेट पर CCTV कैमरे लगाने की प्रक्रिया जारी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसानों के हितों की रक्षा और खरीद प्रणाली को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

