हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 5000 करोड़ धान घोटाले के आरोपों को निराधार बताया, 12 FIR, 6.37 करोड़ रिकवरी और ई-खरीद पोर्टल अपग्रेड सहित सख्त कार्रवाई की जानकारी दी।
हरियाणा विधानसभा में धान खरीद में 5000 करोड़ रुपये के कथित घोटाले को लेकर विपक्ष द्वारा उठाए गए मुद्दे पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सख्त प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोपों को पूरी तरह तथ्यहीन बताते हुए कहा कि यदि किसी के पास ठोस प्रमाण हैं तो उन्हें सदन के पटल पर रखा जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि धान की खरीद भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार अधिकृत सरकारी एजेंसियों के माध्यम से की जाती है और पूरी प्रक्रिया बहु-स्तरीय निगरानी तंत्र के तहत संचालित होती है।
🌾 डेटा आधारित खरीद प्रणाली
सीएम ने बताया कि खरीफ सीजन 2025-26 के दौरान:
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3 लाख 1 हजार किसानों से
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62 लाख 13 हजार मीट्रिक टन नॉन-बासमती धान
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न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदी गई।
‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल के अनुसार 30 लाख 17 हजार 968 एकड़ क्षेत्र का सत्यापन किया गया और अनुमानित उत्पादन 97 लाख 86 हजार मीट्रिक टन आंका गया। उन्होंने कहा कि मंडियों में वास्तविक तुलाई के बाद ही खरीद दर्ज की जाती है, इसलिए आवक और खरीद के आंकड़ों में अंतर का दावा निराधार है।
महेंद्रगढ़ और रेवाड़ी जिलों में इस सीजन धान की आवक और खरीद शून्य रही, जिससे सरकार के आंकड़ों की पारदर्शिता स्पष्ट होती है।
⚖️ अनियमितताओं पर सख्त कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने बताया कि अक्टूबर-नवंबर 2025 में संयुक्त कमेटियों द्वारा राइस मिलों की जांच करवाई गई।
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12 एफआईआर दर्ज
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6.37 करोड़ रुपये की रिकवरी
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75 अधिकारियों-कर्मचारियों पर विभागीय जांच
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28 निलंबित
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संदिग्ध ठेकेदारों की अदायगी रोकी गई
उन्होंने कहा कि सरकार किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं करेगी।
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💻 डिजिटल सुधार और भविष्य की योजना
सीएम ने बताया कि ई-खरीद पोर्टल को अपग्रेड किया जा रहा है। आगामी रबी व खरीफ सीजन 2026-27 में:
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जियो-टैगिंग आधारित गेट पास
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ऑटोमैटिक नंबर प्लेट कैप्चर
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मंडियों व राइस मिलों की जियो-फेंसिंग
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सीसीटीवी कैमरे
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किसानों का बायोमेट्रिक सत्यापन
जैसे प्रावधान लागू किए जाएंगे।
🌽 बाजरा किसानों को राहत
भावांतर भरपाई योजना के तहत 1 लाख 57 हजार किसानों से 6.23 लाख मीट्रिक टन बाजरा खरीदा गया और 358.62 करोड़ रुपये सीधे खातों में ट्रांसफर किए जा रहे हैं।
💰 खाद सब्सिडी में 700 करोड़ की बचत
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल को IFMS से जोड़ने से डीएपी और यूरिया की अनियमित बिक्री पर रोक लगी है, जिससे देश की खाद सब्सिडी में 700 करोड़ रुपये से अधिक की बचत हुई है।
पिछले 12 सीजन में 1.64 लाख करोड़ रुपये सीधे किसानों के बैंक खातों में डाले गए हैं।
📢 सरकार का संदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पारदर्शिता, जवाबदेही और किसान हित में प्रतिबद्ध है। यदि किसी भी स्तर पर गड़बड़ी पाई जाती है तो दोषियों पर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने विपक्ष से रचनात्मक सुझाव देने की अपील करते हुए कहा कि किसान का हक किसी भी सूरत में मारा नहीं जाएगा।

