चंडीगढ़ — हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सैनी ने आज सहकारिता विभाग की बजट घोषणाओं और विकास योजनाओं की समीक्षा बैठक की। बैठक का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक सशक्तिकरण और किसानों की आय बढ़ाने के उपायों पर चर्चा करना था।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों की आय बढ़ाने के लिए गांवों में मिल्क प्रोड्यूसर्स सोसायटियाँ स्थापित की जाएँ। इन सोसायटियों के माध्यम से स्थानीय किसानों को स्थिर आय के अवसर मिलेंगे और दूध उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।
साथ ही उन्होंने वीटा बूथ्स पर दूध और उससे बने उत्पादों की बिक्री बढ़ाने के विकल्प तलाशने पर भी जोर दिया। इससे न केवल किसानों की आय में वृद्धि होगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
अधिकारियों ने बताया कि इस पहल के तहत सहकारिता विभाग और ग्रामीण विकास विभाग मिलकर प्रशिक्षण, मार्केटिंग और वित्तीय सहायता की सुविधाएँ उपलब्ध कराएँगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
बैठक में उपस्थित अधिकारियों ने नई योजनाओं के कार्यान्वयन और मॉनिटरिंग के लिए समयसीमा तय करने की भी चर्चा की।
सहकारिता विभाग की बजट घोषणाओं की समीक्षा!
मुख्यमंत्री श्री @NayabSainiBJP ने निर्देश दिया कि गरीब परिवारों की आय बढ़ाने के लिए गांवों में मिल्क प्रोड्यूसर्स सोसायटियाँ स्थापित की जाएँ और वीटा बूथों पर दूध आधारित उत्पादों की बिक्री बढ़ाने के विकल्प तलाशने पर भी जोर दिया।#Haryana pic.twitter.com/xXbun9o7Wh
— DPR Haryana (@DiprHaryana) December 4, 2025


