हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में आयोजित बजट-पूर्व परामर्श बैठक में भाग लेकर आगामी केंद्रीय बजट में हरियाणा से जुड़ी कई महत्वपूर्ण मांगें मजबूती से रखीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि इन मांगों को बजट में समुचित स्थान मिलता है, तो इससे राज्य के आर्थिक, सामाजिक और बुनियादी ढांचे के विकास को नई दिशा और गति मिलेगी।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश में सेम (जलभराव/लवणीयता) से प्रभावित लगभग 6 लाख एकड़ भूमि की समस्या को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि इस भूमि को उपजाऊ बनाने के लिए बड़े पैमाने पर सुधारात्मक कार्यों की आवश्यकता है, जिसके लिए केंद्र सरकार से विशेष वित्तीय सहायता जरूरी है। मुख्यमंत्री ने बताया कि यदि यह भूमि कृषि योग्य बनती है, तो इससे किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और कृषि उत्पादन को भी बल मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से हर जिले में मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की मांग भी रखी। उन्होंने कहा कि इससे न केवल स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार होगा, बल्कि स्थानीय युवाओं को चिकित्सा शिक्षा के अवसर मिलेंगे और रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने कृषि क्षेत्र के आधुनिकीकरण पर जोर देते हुए नई तकनीकों, आधुनिक सिंचाई प्रणालियों, अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए केंद्रीय सहयोग की आवश्यकता बताई।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बैठक में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) को एक बड़े लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव भी रखा। उन्होंने कहा कि हरियाणा की भौगोलिक स्थिति, बेहतर सड़क नेटवर्क और औद्योगिक आधार इसे लॉजिस्टिक्स के लिए आदर्श बनाते हैं। यदि केंद्र सरकार इस दिशा में विशेष प्रोत्साहन दे, तो इससे निवेश बढ़ेगा, उद्योगों को गति मिलेगी और हजारों नए रोजगार सृजित होंगे।
इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने एमएसएमई और स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए सस्ती वित्तीय सहायता, तकनीकी सहयोग और बाजार तक बेहतर पहुंच की मांग की। उन्होंने कहा कि छोटे और मध्यम उद्योग हरियाणा की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और इन्हें मजबूत करना राज्य के समग्र विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। साथ ही, उन्होंने ग्रामीण विकास कोष को बढ़ाने की भी मांग रखी, ताकि गांवों में बुनियादी ढांचे, सड़क, पेयजल, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का और अधिक विस्तार किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार केंद्र सरकार के साथ मिलकर सहकारी संघवाद की भावना से कार्य कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि आगामी केंद्रीय बजट हरियाणा की विकास आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि केंद्रीय बजट से प्रदेश में कृषि, उद्योग, स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी ढांचे के क्षेत्रों को नई मजबूती मिलेगी और हरियाणा की प्रगति का मार्ग और अधिक सशक्त होगा।
कुल मिलाकर, बजट-पूर्व इस बैठक को हरियाणा के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मुख्यमंत्री द्वारा रखी गई मांगें यदि केंद्रीय बजट में शामिल होती हैं, तो इससे न केवल राज्य के विकास को गति मिलेगी, बल्कि किसानों, युवाओं, उद्यमियों और ग्रामीण क्षेत्रों को भी सीधा लाभ पहुंचेगा।


