हरियाणा के मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini तथा प्रदेश अध्यक्ष Mohan Lal Badoli ने सामाजिक सौहार्द और पारिवारिक मूल्यों की मिसाल पेश करते हुए जतिन यादव के लग्न समारोह में शिरकत की। जतिन यादव, पूर्व प्रदेश सहसंयोजक (स्थानीय निकाय प्रकोष्ठ) श्री अनिल यादव के सुपुत्र हैं, जबकि उनकी माता Sunita Yadav गुरुग्राम नगर निगम की पूर्व डिप्टी मेयर रह चुकी हैं। इस पावन अवसर पर मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष ने नवदम्पती को आशीर्वाद देते हुए उनके सुखद और सफल वैवाहिक जीवन की कामना की।
लग्न समारोह के दौरान पारिवारिक वातावरण में गर्मजोशी और आत्मीयता देखने को मिली। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने परिवारजनों से मुलाकात कर उन्हें शुभकामनाएं दीं और कहा कि ऐसे अवसर समाज को आपसी संबंधों को मजबूत करने और सकारात्मक ऊर्जा साझा करने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने नवयुगल के उज्ज्वल भविष्य, पारिवारिक समृद्धि और सामाजिक योगदान के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।
प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली ने भी इस अवसर पर परिवार को बधाई देते हुए कहा कि सार्वजनिक जीवन के साथ-साथ पारिवारिक और सामाजिक दायित्वों का संतुलन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के पारिवारिक समारोह समाज में सद्भाव, सम्मान और परंपराओं को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इस गरिमामयी समारोह में जिला अध्यक्ष सर्वप्रिय त्यागी जी की उपस्थिति भी विशेष रही। उनके साथ-साथ हरियाणा के विधायक Mukesh Sharma भी समारोह में शामिल हुए और उन्होंने नवदम्पती को आशीर्वाद प्रदान किया। नेताओं और गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा को और बढ़ा दिया।
समारोह में उपस्थित अतिथियों ने परिवार के साथ संवाद किया और सामाजिक विषयों पर भी चर्चा हुई। कई नेताओं ने इसे एक सादगीपूर्ण लेकिन अत्यंत गरिमामय आयोजन बताया, जहां राजनीतिक व्यस्तताओं के बीच मानवीय और पारिवारिक मूल्यों को प्राथमिकता दी गई। यह अवसर यह भी दर्शाता है कि सार्वजनिक जीवन में सक्रिय लोग समाज से जुड़े रहने और पारिवारिक परंपराओं को निभाने के प्रति कितने प्रतिबद्ध हैं।
परिवार की ओर से आए सभी अतिथियों का स्वागत किया गया और उनके प्रति आभार व्यक्त किया गया। समारोह में पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ धार्मिक विधियों का पालन किया गया, जिससे पूरा वातावरण शुभ और मंगलमय बना रहा।
कुल मिलाकर, यह लग्न समारोह केवल एक पारिवारिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक और राजनीतिक सौहार्द का प्रतीक बनकर सामने आया। मुख्यमंत्री और अन्य वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति ने यह संदेश दिया कि जनसेवा के साथ-साथ सामाजिक रिश्तों और सांस्कृतिक मूल्यों का सम्मान भी उतना ही महत्वपूर्ण है।


