हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शहरी क्षेत्रों में स्कूल खोलने के लिए सर्वे कराने के निर्देश दिए। ड्रॉपआउट खत्म करने, स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, टीबी मुक्त प्रदेश और आवास योजनाओं की समीक्षा पर जोर दिया गया।
हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि शहरी क्षेत्रों में बढ़ती आबादी और विस्तार को ध्यान में रखते हुए नए स्कूल खोलने के लिए सर्वे कराया जाए, ताकि बच्चों को पढ़ाई के लिए लंबी दूरी तय न करनी पड़े। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि हर बच्चे को उसके आसपास ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की सुविधा मिले और ड्रॉपआउट की समस्या को पूरी तरह खत्म किया जाए।
मुख्यमंत्री यह निर्देश बुधवार को राज्य स्तरीय दिशा कमेटी की बैठक की अध्यक्षता करते हुए दे रहे थे। बैठक में विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार, सांसद धर्मबीर सिंह, नवीन जिंदल सहित कई विधायक उपस्थित रहे। सभी जिलों के अधिकारी भी बैठक से ऑनलाइन जुड़े।
ड्रॉपआउट बच्चों को दोबारा स्कूल से जोड़ने में मिली सफलता
मुख्यमंत्री ने बताया कि शिक्षा विभाग द्वारा पिछले वर्ष स्कूल छोड़ चुके 34 हजार बच्चों में से 18,796 बच्चों को छह माह का विशेष प्रशिक्षण दिया गया, जिनमें से 15,386 बच्चों को सफलतापूर्वक दोबारा मुख्यधारा में शामिल किया गया है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि फरीदाबाद के सेक्टर-37 में स्कूल भवन का निर्माण कार्य जल्द शुरू किया जाएगा और विद्यार्थियों के लिए हर जिले में मॉडल संस्कृति स्कूल खोले जा रहे हैं।
सामाजिक योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन पर जोर
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि हर घर गृहणी योजना का लाभ पात्र महिलाओं तक पहुंचाने के लिए विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाए। साथ ही, विशेषकर ढाणियों में रहने वाले नागरिकों को बिजली सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सोलर सब्सिडी योजनाओं के प्रति लोगों को जागरूक किया जाए।
स्वास्थ्य सेवाओं में विस्तार, टीबी और एनीमिया मुक्त प्रदेश का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश को टीबी मुक्त और एनीमिया मुक्त बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय कृमि मुक्त अभियान में राज्य ने 98 प्रतिशत कवरेज हासिल किया है। इसके अलावा, प्रदेश में नेच्यूरोपैथी सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा और जनऔषधि केंद्र खोलने पर बल दिया जाएगा, ताकि नागरिकों को उचित मूल्य पर दवाइयां उपलब्ध हो सकें।
आवास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 98,726 मकान बनाने के लक्ष्य के तहत 652 करोड़ रुपये की राशि से 76,275 मकान स्वीकृत किए जा चुके हैं, जिनमें से 41,491 मकान पूरे हो चुके हैं और शेष निर्माणाधीन हैं। वहीं, प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत 67,649 मकान बनाए जाने हैं, जिनमें से 703 करोड़ रुपये की लागत से 33,690 मकान पूरे हो चुके हैं।
उन्होंने डॉ. बी. आर. अंबेडकर आवास योजना के तहत अनुसूचित जाति परिवारों के लिए सहायता राशि की आवेदन प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश दिए, ताकि पात्र लाभार्थियों को अगले माह राशि उपलब्ध कराई जा सके। इसके अलावा युवाओं के लिए अंबाला में स्टेट सेंट्रल लाइब्रेरी और नारनौल में जिला लाइब्रेरी का निर्माण किया जा रहा है।
जल शक्ति अभियान और अमृत योजना-2 पर फोकस
जल शक्ति अभियान की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जलभराव वाले क्षेत्रों में वाटर बॉडी बनाने की योजना तैयार की जाए, ताकि आवश्यकता अनुसार जल का उपयोग किया जा सके। इसके लिए ग्राम पंचायतों से प्रस्ताव मांगे जाएंगे। उन्होंने हिसार ड्रेन और भिवानी ड्रेन को गहरा करने और उनके विस्तार की प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश दिए।
अमृत योजना-2 के तहत 27 जल और 9 सीवरेज परियोजनाएं चल रही हैं, जिन्हें शीघ्र पूरा किया जाएगा। इसके अलावा लगभग 59 बड़े गांवों में महाग्राम योजना के तहत सीवरेज और नई नगरपालिकाओं में सीवरेज व पेयजल योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत 66 हजार शौचालयों का निर्माण किया जा चुका है और शहरों व गांवों की स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
खेल और फिटनेस सुविधाओं का विस्तार
मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल विभाग द्वारा 257 खेल स्टेडियम के नवीनीकरण पर 314 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में 1,025 व्यायामशालाएं और इंडोर जिम बनाए गए हैं। व्यायामशालाओं में ट्रैक निर्माण को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को सैर और व्यायाम के लिए बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
बैठक में मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, प्रधान सचिव अरुण गुप्ता, अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ. साकेत कुमार, अतिरिक्त मुख्य सचिव राजा शेखर वुंदरू, विनीत गर्ग, जी. अनुपमा, अनुराग अग्रवाल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने अन्य विभागों की भी विस्तार से समीक्षा कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।


