मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्टेट प्रगति डैशबोर्ड बैठक में 75 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली मेगा परियोजनाओं की सख्त निगरानी और समयबद्ध पूरा करने के निर्देश दिए।
हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने बुधवार को चंडीगढ़ में आयोजित स्टेट प्रगति डैशबोर्ड की समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य में चल रही सभी मेगा परियोजनाओं की प्रगति की कड़ी निगरानी की जाए और उनके क्रियान्वयन में तेजी लाई जाए, ताकि परियोजनाएं निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरी हो सकें। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि 75 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली सभी प्रमुख परियोजनाओं को अनिवार्य रूप से स्टेट प्रगति डैशबोर्ड पर अपलोड किया जाए, ताकि विभिन्न स्तरों पर उनकी रियल-टाइम मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि समय पर निर्णय लेकर बाधाओं को दूर करना भी आसान होगा।
श्री सैनी ने परियोजनाओं में हो रही देरी पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि जिन एजेंसियों को निर्माण कार्य आवंटित किए गए हैं, उनसे किसी भी तरह की लापरवाही या ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन एजेंसियों की वजह से कार्यों में अनावश्यक विलंब हो रहा है, उनके खिलाफ निर्धारित नियमों के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने।
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बैठक में टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग और शहरी स्थानीय निकाय विभाग से संबंधित आठ मेगा परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को इन सभी परियोजनाओं को तय समयसीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि आम जनता को इनका लाभ शीघ्र मिल सके और शहरी बुनियादी ढांचे को मजबूती मिल सके।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि स्टेट प्रगति डैशबोर्ड के माध्यम से निगरानी तंत्र को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा, जिससे प्रत्येक विभाग अपनी परियोजनाओं की प्रगति के लिए सीधे तौर पर जवाबदेह रहेगा। उन्होंने दोहराया कि सरकार की प्राथमिकता है कि विकास कार्य समय पर, गुणवत्ता के साथ और पारदर्शी तरीके से पूरे हों।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, अतिरिक्त मुख्य सचिव राजस्व डॉ. सुमिता मिश्रा, श्री ए.के. सिंह, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ. साकेत कुमार, आयुक्त एवं सचिव वित्त श्री मोहम्मद शायन, मुख्य प्रशासक एचएसवीपी श्री चंदर शेखर खरे, विशेष सचिव (मॉनिटरिंग एवं समन्वय) डॉ. प्रियंका सोनी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


