हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने आज चंडीगढ़ स्थित संत कबीर कुटीर में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान आमजन की समस्याएँ ध्यानपूर्वक सुनीं और संबंधित अधिकारियों को उनके त्वरित एवं प्रभावी समाधान के स्पष्ट निर्देश दिए। इस अवसर पर प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए नागरिकों ने अपनी व्यक्तिगत, सामाजिक और प्रशासनिक समस्याएँ मुख्यमंत्री के समक्ष रखीं।
जनसुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि जन समस्याओं के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और प्रत्येक प्रकरण का समाधान तय समय-सीमा में सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि शिकायतकर्ता को समस्या के समाधान की लिखित जानकारी उपलब्ध कराई जाए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
इस जनसुनवाई में राजस्व, पुलिस, नगर निकाय, बिजली, सिंचाई, स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक कल्याण विभागों से संबंधित शिकायतें प्रमुख रूप से सामने आईं। कई मामलों में मुख्यमंत्री ने मौके पर ही अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की और तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए। भूमि विवाद, पारिवारिक पेंशन, वृद्धावस्था पेंशन, बिजली कनेक्शन, सड़क निर्माण और पुलिस से जुड़े मामलों पर मुख्यमंत्री ने विशेष संज्ञान लिया।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार जनता के द्वार पर जाकर समस्याएँ सुनने और उनका समाधान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ कार्य करने की नसीहत देते हुए कहा कि गरीब, वंचित और कमजोर वर्ग के लोगों की शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जनसुनवाई केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि प्रशासन और जनता के बीच विश्वास का मजबूत सेतु है।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि जिन मामलों में विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की आवश्यकता है, उनमें आपसी तालमेल से कार्य कर शीघ्र समाधान निकाला जाए। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल शिकायत दर्ज करना नहीं, बल्कि समस्या का स्थायी और संतोषजनक समाधान सुनिश्चित करना है।
जनसुनवाई में आए नागरिकों ने मुख्यमंत्री से सीधे संवाद कर अपनी समस्याएँ रखने का अवसर मिलने पर संतोष व्यक्त किया। कई शिकायतकर्ताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा व्यक्तिगत रूप से उनकी बात सुना जाना और तुरंत निर्देश दिए जाना, सरकार की जनहितैषी सोच को दर्शाता है।
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही के सिद्धांतों पर कार्य कर रही है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि भविष्य में भी इस प्रकार की जनसुनवाई के माध्यम से जनता की समस्याओं का समाधान किया जाता रहेगा, ताकि हरियाणा को विकास और सुशासन की दिशा में और आगे बढ़ाया जा सके।


