हरियाणा के मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini ने आज हरियाणा राज्य सूखा राहत एवं बाढ़ नियंत्रण बोर्ड की 57वीं बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में राज्य में बाढ़ प्रबंधन और जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए ₹637.25 करोड़ की लागत से 388 बाढ़ नियंत्रण योजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि नदियों के तटबंधों को और अधिक मजबूत करने के लिए उत्तर प्रदेश की तर्ज पर आधुनिक ‘स्टोन स्टड’ तकनीक अपनाई जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी स्वीकृत योजनाओं के टेंडर जनवरी माह के अंत तक अनिवार्य रूप से जारी किए जाएं, ताकि कार्य समय पर पूरे हो सकें।
बैठक में मुख्यमंत्री ने यमुना नदी में बिना ट्रीटमेंट के गंदा पानी गिराने पर पूर्ण प्रतिबंध के निर्देश दोहराए। उन्होंने कहा कि सभी ड्रेनों से केवल उपचारित पानी ही छोड़ा जाए और इसके लिए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) तथा कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (CETP) के निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए। इसके साथ ही भिवानी–घग्गर ड्रेनेज सिस्टम की क्षमता बढ़ाने के कार्य को युद्ध स्तर पर पूरा करने के निर्देश भी दिए गए।
मुख्यमंत्री ने 2023 और 2025 के मानसून अनुभवों का उल्लेख करते हुए कहा कि आगामी बरसात से पहले सभी नालों की समयबद्ध और पूरी सफाई सुनिश्चित की जाए, ताकि जलभराव और बाढ़ जैसी स्थितियों से बचा जा सके।
उन्होंने सभी उपायुक्तों (DCs) को नियमित ग्राउंड मॉनिटरिंग के निर्देश देते हुए चेतावनी दी कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कार्यों में ढिलाई बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता जन-धन और जन-जीवन की सुरक्षा है और बाढ़ नियंत्रण से जुड़ी योजनाओं को तय समय-सीमा में पूरा कर हरियाणा को सुरक्षित और सक्षम बनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री श्री @NayabSainiBJP जी ने आज 'हरियाणा राज्य सूखा राहत एवं बाढ़ नियंत्रण बोर्ड' की 57वीं बैठक ली।
बैठक में सीएम ने ₹637.25 करोड़ की लागत वाली 388 बाढ़ नियंत्रण योजनाओं को स्वीकृति दी। नदियों के तटबंधों को मजबूत करने के लिए उत्तर प्रदेश की तर्ज पर आधुनिक 'स्टोन स्टड',… pic.twitter.com/j3WwHFdUEu
— CMO Haryana (@cmohry) December 31, 2025


