हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के गुरुग्राम दौरे का दूसरा दिन भी महत्वपूर्ण रहा। लगातार दूसरे दिन आयोजित बजट-पूर्व परामर्श बैठकों की श्रृंखला में मुख्यमंत्री ने उद्योग और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत संवाद किया। इस बैठक का उद्देश्य वित्त वर्ष 2026-27 के लिए एक समावेशी, विकासोन्मुख और जनहितकारी बजट तैयार करने के लिए विभिन्न हितधारकों से प्रत्यक्ष सुझाव प्राप्त करना रहा।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार राज्य के प्रत्येक नागरिक के हितों को केंद्र में रखकर बजट तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से आह्वान किया कि वे अपने अनुभव और आवश्यकताओं के आधार पर रचनात्मक एवं नवाचारपूर्ण सुझाव दें, ताकि राज्य की आर्थिक प्रगति को नई दिशा मिल सके। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य ऐसा बजट प्रस्तुत करना है, जो न केवल औद्योगिक विकास को गति दे, बल्कि रोजगार सृजन, निवेश आकर्षण और सतत विकास को भी सुनिश्चित करे।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा देश के अग्रणी औद्योगिक राज्यों में शामिल है और गुरुग्राम जैसे औद्योगिक केंद्र राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। मैन्युफैक्चरिंग, ऑटोमोबाइल, आईटी, स्टार्टअप्स, एमएसएमई और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में अपार संभावनाएं हैं। इन संभावनाओं को साकार करने के लिए सरकार उद्योग-अनुकूल नीतियों, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और सरल प्रशासनिक प्रक्रियाओं पर लगातार काम कर रही है।
बैठक के दौरान उद्योग और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के प्रतिनिधियों ने टैक्स सुधार, औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर, स्किल डेवलपमेंट, ऊर्जा आपूर्ति, लॉजिस्टिक्स लागत में कमी, एमएसएमई को वित्तीय सहायता और नई तकनीकों को अपनाने जैसे मुद्दों पर अपने सुझाव रखे। प्रतिनिधियों ने सरकार द्वारा पिछले वर्षों में किए गए सुधारों की सराहना करते हुए कहा कि सेक्टरवाइज परामर्श बैठकों से उद्योगों को अपनी बात सीधे सरकार तक पहुंचाने का अवसर मिलता है।
मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि सभी सुझावों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और व्यवहारिक सुझावों को आगामी बजट में सम्मिलित करने का हर संभव प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी सेक्टरवाइज बैठकों का आयोजन किया जा रहा है, ताकि कृषि, उद्योग, व्यापार, सेवा क्षेत्र, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण सहित सभी क्षेत्रों के हितधारकों से सुझाव प्राप्त किए जा सकें।
उन्होंने यह भी कहा कि हरियाणा सरकार का लक्ष्य केवल आर्थिक विकास नहीं, बल्कि संतुलित और समावेशी विकास है, जिसमें शहरों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों को भी समान अवसर मिलें। उद्योगों के विकास से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, जिससे युवाओं को लाभ होगा और राज्य की सामाजिक-आर्थिक स्थिति और मजबूत होगी।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री के गुरुग्राम दौरे के दौरान आयोजित ये बजट-पूर्व परामर्श बैठकें आगामी वित्त वर्ष 2026-27 के बजट की दिशा और प्राथमिकताओं को तय करने में अहम भूमिका निभा रही हैं। उद्योग जगत की सक्रिय भागीदारी से यह उम्मीद की जा रही है कि आने वाला बजट हरियाणा को विकास के नए आयामों तक ले जाने में सहायक सिद्ध होगा।


