हरियाणा ने कृषि और किसान कल्याण के क्षेत्र में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए देश का पहला ऐसा राज्य बनने का गौरव प्राप्त किया है, जिसने मधुमक्खी पालन नीति को औपचारिक रूप से अपनाया है। इस नीति के प्रभावी क्रियान्वयन से राज्य में शहद उत्पादन को उल्लेखनीय बढ़ावा मिला है और मधुमक्खी पालन अब किसानों के लिए एक लाभकारी और टिकाऊ आजीविका का साधन बनकर उभरा है।
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री @SinghRana6940 ने इस नीति की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मधुमक्खी पालन को वैज्ञानिक और व्यावसायिक रूप देने के उद्देश्य से रामनगर में एकीकृत मधुमक्खी पालन विकास केंद्र की स्थापना की गई है। यह केंद्र न केवल प्रशिक्षण और तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान कर रहा है, बल्कि किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
मंत्री ने बताया कि इस केंद्र के माध्यम से मधुमक्खी बक्सों की खरीद पर किसानों को 85 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है, जिससे छोटे और सीमांत किसान भी मधुमक्खी पालन को अपनाने के लिए प्रोत्साहित हो रहे हैं। इसके साथ ही शहद प्रसंस्करण और शहद की गुणवत्ता जांच पर 75 प्रतिशत तक सब्सिडी उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण शहद का उत्पादन संभव हो पा रहा है।
उन्होंने कहा कि मधुमक्खी पालन न केवल शहद उत्पादन तक सीमित है, बल्कि यह परागण के माध्यम से फसलों की उत्पादकता बढ़ाने में भी सहायक है। इससे किसानों की आय में वृद्धि के साथ-साथ कृषि क्षेत्र की समग्र उत्पादकता में भी सुधार हो रहा है। हरियाणा की यह नीति “आय दोगुनी” के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में एक प्रभावी कदम साबित हो रही है।
राज्य सरकार द्वारा मधुमक्खी पालकों को आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण कार्यक्रम और बाजार से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। एकीकृत विकास केंद्र में किसानों को वैज्ञानिक तरीकों से मधुमक्खी पालन, रोग नियंत्रण, शहद संग्रहण और ब्रांडिंग की जानकारी दी जा रही है। इससे राज्य के शहद को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में पहचान मिलने लगी है।
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि हरियाणा की मधुमक्खी पालन नीति अन्य राज्यों के लिए भी एक मॉडल साबित हो सकती है। नीति के तहत दी जा रही सब्सिडी और संरचनात्मक समर्थन से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं और युवा भी इस क्षेत्र की ओर आकर्षित हो रहे हैं।
अंत में मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों और मधुमक्खी पालकों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और आने वाले समय में इस नीति को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि हरियाणा शीघ्र ही देश के अग्रणी शहद उत्पादक राज्यों में शामिल होगा।


