नई दिल्ली। हिंद दी चादर श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस पर आज पूरे देश में श्रद्धा और कृतज्ञता के साथ उन्हें नमन किया गया। इस अवसर पर विभिन्न धार्मिक, सामाजिक और सरकारी कार्यक्रमों का आयोजन हुआ, जिनमें गुरु जी के त्याग, साहस और मानवता के संदेश को व्यापक रूप से याद किया गया।
श्री गुरु तेग बहादुर जी ने धर्म, न्याय और मानवाधिकारों की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया, जिसे विश्व इतिहास में अनोखा माना जाता है। उनका जीवन नि:स्वार्थ सेवा, अद्वितीय पराक्रम और सहिष्णुता की मिसाल है।
नेताओं, धर्माचार्यों और समाजसेवियों ने कहा कि गुरु जी की शहादत सम्पूर्ण मानवता के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनके आदर्श हमें सत्य, समरसता और न्याय के मार्ग पर चलने का संकल्प दिलाते हैं।
शहीदी दिवस पर आयोजित कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और ‘हिंद दी चादर’ के संदेशों को आत्मसात करने का आह्वान किया गया।
इस अवसर पर यह संकल्प लिया गया कि गुरु जी के आदर्शों—सद्भाव, एकता और शांति—को जीवन में अपनाते हुए समाज और राष्ट्र के विकास में सकारात्मक भूमिका निभाई जाएगी।
देशभर में गुरुद्वारों और धार्मिक स्थलों पर दीवान, कीर्तन, अरदास और लंगर सेवाएं आयोजित की गईं, जहाँ गुरु तेग बहादुर जी की शिक्षाओं को स्मरण कर मानवता और भाईचारे का संदेश फैलाया गया।
"हिंद दी चादर" श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस पर, उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन करता हूं।
गुरु जी का अद्वितीय पराक्रम, त्याग और नि:स्वार्थ सेवा भाव सम्पूर्ण मानवता के लिए प्रेरणा स्रोत है। धर्म, न्याय और मानवता की रक्षा के लिए दी गई उनकी शहादत, हमें सत्य, समरसता और… pic.twitter.com/H7GmjK9upn
— Manohar Lal (@mlkhattar) November 24, 2025


