“हर कार्यकर्ता संगठन की शक्ति है” — यह विचार आज राजनीतिक और सामाजिक संगठनों की मूल भावना को दर्शाता है। संगठन की मजबूती केवल नेतृत्व से नहीं, बल्कि प्रत्येक कार्यकर्ता के समर्पण, परिश्रम और निष्ठा से बनती है। बूथ स्तर से लेकर प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर तक, हर कार्यकर्ता संगठन की रीढ़ होता है।
जानकारों का कहना है कि कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी से ही संगठन जनता से सीधा जुड़ाव स्थापित कर पाता है। जनसंपर्क, जनसमस्याओं की समझ और योजनाओं के क्रियान्वयन में कार्यकर्ताओं की भूमिका निर्णायक होती है। वे ही संगठन की नीतियों और विचारधारा को घर-घर तक पहुँचाने का कार्य करते हैं।
संगठनात्मक बैठकों और कार्यक्रमों में लगातार इस बात पर बल दिया जा रहा है कि कार्यकर्ताओं का सम्मान, प्रशिक्षण और सशक्तिकरण संगठन की प्राथमिकता होनी चाहिए। जब कार्यकर्ता स्वयं को संगठन का अभिन्न अंग महसूस करता है, तभी संगठन दीर्घकालिक और प्रभावी सफलता प्राप्त करता है।
यह संदेश संगठनात्मक एकता, अनुशासन और सामूहिक प्रयासों की महत्ता को रेखांकित करता है और सभी कार्यकर्ताओं को समर्पण भाव से कार्य करने के लिए प्रेरित करता है।
हर कार्यकर्ता संगठन की शक्ति ! #SelfieWithCM pic.twitter.com/IYlfqfQLKI
— Nayab Saini (@NayabSainiBJP) December 14, 2025


