नई दिल्ली। सामाजिक न्याय के प्रणेता, भारतीय संविधान के शिल्पकार और भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर जी के महापरिनिर्वाण दिवस पर देशभर में उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की गई। विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक और शैक्षणिक संस्थाओं द्वारा उनके योगदान को याद करते हुए नमन किया गया।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि डॉ. अंबेडकर का संपूर्ण जीवन समानता, न्याय और मानवाधिकारों के लिए संघर्ष की मिसाल है। उन्होंने न केवल भारत को एक सशक्त और समावेशी संविधान दिया, बल्कि समाज के वंचित वर्गों को सम्मान, अधिकार और आत्मसम्मान के साथ जीने का मार्ग भी प्रशस्त किया।
डॉ. अंबेडकर की दूरदृष्टि, कर्तव्यनिष्ठा और प्रगतिशील विचारधारा आज भी देश के लोकतांत्रिक मूल्यों की आधारशिला बनी हुई है। उनका अदम्य संकल्प आने वाली पीढ़ियों को सामाजिक समरसता, समान अवसर और न्यायपूर्ण समाज के निर्माण के लिए प्रेरित करता रहेगा।
महापरिनिर्वाण दिवस पर यह संदेश दोहराया गया कि बाबासाहेब के विचार और आदर्श आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं और एक समतामूलक भारत के निर्माण में उनका मार्गदर्शन सदैव प्रकाशपथ दिखाता रहेगा।
सामाजिक न्याय के प्रणेता, भारतीय संविधान के शिल्पकार, भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर जी के महापरिनिर्वाण दिवस पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि एवं सादर नमन।
समानता, न्याय और मानवाधिकारों के प्रति उनका अदम्य संकल्प और संघर्ष सदैव हमारे मार्ग को प्रकाशमान करता रहेगा। उनकी… pic.twitter.com/7LNAHgPnaq
— Nayab Saini (@NayabSainiBJP) December 6, 2025


