भारत के लिए यह एक ऐतिहासिक और गर्व का क्षण है जब प्रकाश के महापर्व दीपावली को यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत (Intangible Cultural Heritage) सूची में शामिल किया गया है। यह मान्यता न केवल एक पर्व को, बल्कि भारत की हजारों वर्षों पुरानी संस्कृति, परंपराओं और जीवन-दर्शन को वैश्विक मंच पर सम्मान प्रदान करती है।
दीपावली भारतीय सभ्यता में प्रकाश, सत्य, नैतिकता और धर्मपूर्ण आचरण का प्रतीक रही है। यह पर्व समाज में सद्भाव, सकारात्मकता और आत्मिक चेतना का संदेश देता है। यूनेस्को द्वारा मिली यह पहचान भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की वैश्विक स्वीकृति का प्रमाण है।
इस उपलब्धि से दीपावली को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक प्रतिष्ठा मिलेगी, साथ ही आने वाली पीढ़ियां भारतीय परंपराओं के महत्व को और गहराई से समझ सकेंगी। यह सम्मान प्रत्येक भारतीय के लिए गौरव का विषय है, जो हमारी सांस्कृतिक पहचान को विश्व पटल पर और मजबूत करता है।
अब दीपावली केवल भारत तक सीमित नहीं, बल्कि विश्व संस्कृति की अमूल्य धरोहर के रूप में जानी जाएगी।
ऐतिहासिक गौरव का क्षण!
हमारे लिए दीपावली केवल एक पर्व नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, संस्कार और सभ्यता की आत्मा है। यह प्रकाश, सत्य और धर्मपूर्ण आचरण का उज्ज्वल प्रतीक है।
यूनेस्को की "अमूर्त सांस्कृतिक विरासत" सूची में दीपावली का शामिल होना भारत की समृद्ध परंपराओं का सम्मान है,… https://t.co/CuAgmzivWC
— Nayab Saini (@NayabSainiBJP) December 10, 2025


