राजधानी दिल्ली में पैदल यात्रियों की सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। दिल्ली सरकार ने शहर के व्यस्त और दुर्घटना संभावित इलाकों में आठ नए फुट ओवर ब्रिज (FOB) के निर्माण को मंजूरी दे दी है। इस फैसले का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना, पैदल यात्रियों को सुरक्षित रास्ता उपलब्ध कराना और ट्रैफिक को अधिक सुचारू बनाना है।
सरकार का कहना है कि यह पहल दिल्ली की सड़क सुरक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार नीति का हिस्सा है। राजधानी में बढ़ते वाहनों और घनी आबादी के चलते कई ऐसे चौराहे और सड़कें हैं, जहां पैदल यात्रियों को सड़क पार करने में गंभीर जोखिम उठाना पड़ता है। इन्हीं समस्याओं को ध्यान में रखते हुए इन फुट ओवर ब्रिज का प्रस्ताव तैयार किया गया।
इस परियोजना को अमल में लाने की जिम्मेदारी Public Works Department (PWD) को सौंपी गई है। विभाग द्वारा ट्रैफिक स्टडी, जमीनी सर्वे और स्थानीय जरूरतों के आधार पर उन स्थानों का चयन किया गया है, जहां पैदल आवाजाही सबसे अधिक रहती है और दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। अधिकारियों के अनुसार, चयनित सभी स्थल लंबे समय से स्थानीय लोगों की मांग में शामिल रहे हैं।
नए फुट ओवर ब्रिज जिन प्रमुख स्थानों पर बनाए जाएंगे, उनमें मधुबन चौक (विकास मार्ग–पटपड़गंज रोड), वेलकम कट (जीटी रोड), शाहबाद डेयरी (बादली–बवाना रोड), बेर सराय मार्केट (वेदांत देशिका मार्ग), कटवारिया सराय में लाल बहादुर शास्त्री संस्कृत विद्यापीठ के पास, ओखला सब्जी मंडी (कैप्टन गौर मार्ग), जनकपुरी में जीवन पार्क बस स्टैंड के पास ब्लॉक 1-2 तथा माता चानन देवी अस्पताल के समीप लाल सिंह चौक शामिल हैं।
सरकार का मानना है कि इन फुट ओवर ब्रिज के निर्माण से न केवल पैदल यात्रियों को सुरक्षित आवागमन मिलेगा, बल्कि सड़कों पर वाहनों की गति भी बाधित नहीं होगी। इससे ट्रैफिक जाम की समस्या कम होने और ट्रैफिक फ्लो में सुधार की उम्मीद है। विशेषज्ञों के अनुसार, फुट ओवर ब्रिज सड़क सुरक्षा का एक प्रभावी उपाय हैं, खासकर उन इलाकों में जहां रोजाना हजारों लोग सड़क पार करते हैं।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पहले भी सड़क सुरक्षा और पैदल यात्रियों की सुविधाओं को प्राथमिकता देने की बात कही है। सरकार का कहना है कि यह परियोजना “स्मार्ट और सुरक्षित दिल्ली” के विजन के अनुरूप है, जिसमें आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, बेहतर ट्रैफिक मैनेजमेंट और नागरिकों की सुरक्षा को केंद्र में रखा गया है।
इन फुट ओवर ब्रिज के बनने से बुजुर्गों, बच्चों, महिलाओं और दिव्यांगजनों को विशेष लाभ मिलेगा, जिन्हें सड़क पार करने में सबसे अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। स्थानीय निवासियों ने भी सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि इससे रोजमर्रा की आवाजाही अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक हो सकेगी।
कुल मिलाकर, दिल्ली सरकार का यह कदम राजधानी की ट्रैफिक समस्या और सड़क दुर्घटनाओं को कम करने की दिशा में एक सकारात्मक पहल माना जा रहा है, जिसका असर आने वाले समय में स्पष्ट रूप से देखने को मिलेगा।


