राजधानी दिल्ली को स्वच्छ, सुंदर और प्रदूषण-मुक्त बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। सरकार ने Municipal Corporation of Delhi (MCD) को 500 करोड़ रुपये की विशेष सहायता राशि प्रदान करने का निर्णय लिया है। इस फंड का उपयोग राजधानी में सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने, सड़कों की मरम्मत, धूल नियंत्रण और प्रदूषण कम करने से जुड़ी परियोजनाओं पर किया जाएगा।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह राशि खासतौर पर उन इलाकों पर केंद्रित होगी, जहां सड़कें जर्जर हालत में हैं, खुले में धूल उड़ने की समस्या अधिक है और नियमित सफाई व्यवस्था की आवश्यकता है। दिल्ली में वायु प्रदूषण के प्रमुख कारणों में सड़क की धूल को भी माना जाता है। ऐसे में यह निर्णय न केवल स्वच्छता, बल्कि जनस्वास्थ्य के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इस फंड के माध्यम से MCD आधुनिक मशीनरी और तकनीक का इस्तेमाल करेगी। सड़कों की मैकेनाइज्ड स्वीपिंग, पानी का छिड़काव, एंटी-स्मॉग गन, और धूल दबाने वाले विशेष रसायनों का उपयोग बढ़ाया जाएगा। इसके अलावा, टूटे-फूटे रास्तों और गड्ढों की मरम्मत कर उन्हें पक्का किया जाएगा, ताकि वाहनों की आवाजाही से उड़ने वाली धूल को रोका जा सके।
अधिकारियों का कहना है कि इस योजना के तहत प्रमुख सड़कों के साथ-साथ रिहायशी इलाकों, बाजारों और औद्योगिक क्षेत्रों को भी शामिल किया जाएगा। कूड़ा प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए अतिरिक्त सफाईकर्मियों की तैनाती, कूड़ा उठाने वाले वाहनों की संख्या में वृद्धि और समयबद्ध सफाई पर भी जोर दिया जाएगा। इससे न केवल सड़कों की स्थिति सुधरेगी, बल्कि नागरिकों को भी साफ-सुथरा वातावरण मिलेगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, दिल्ली में धूल और गंदगी पर नियंत्रण से वायु गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार संभव है। लगातार खराब होती एयर क्वालिटी के चलते बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे में यह कदम राजधानी के लाखों निवासियों के लिए राहत लेकर आ सकता है।
MCD अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि इस राशि का उपयोग पारदर्शी तरीके से किया जाएगा और हर परियोजना की नियमित निगरानी की जाएगी। साथ ही, नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे स्वच्छता अभियानों में सहयोग करें, कूड़ा निर्धारित स्थानों पर ही डालें और निर्माण कार्य के दौरान धूल नियंत्रण के नियमों का पालन करें।
कुल मिलाकर, 500 करोड़ रुपये की यह सहायता दिल्ली को स्वच्छ और धूल-मुक्त बनाने की दिशा में एक मजबूत प्रयास के रूप में देखी जा रही है। यदि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन हुआ, तो आने वाले समय में राजधानी की सड़कों की तस्वीर बदली हुई नजर आ सकती है और दिल्लीवासियों को साफ हवा और बेहतर जीवन गुणवत्ता का लाभ मिल सकेगा।


