उत्तराखंड में बिगड़ती कानून-व्यवस्था, बढ़ते अपराध, महंगाई और भ्रष्टाचार के मुद्दों पर कांग्रेस ने देहरादून में हजारों कार्यकर्ताओं के साथ जोरदार प्रदर्शन किया।
उत्तराखंड में बिगड़ती कानून-व्यवस्था, बढ़ते अपराध, महंगाई और भ्रष्टाचार के मुद्दों को लेकर कांग्रेस ने राजधानी देहरादून में जोरदार शक्ति प्रदर्शन किया। सोमवार को प्रदेशभर से आए वरिष्ठ नेताओं और हजारों कार्यकर्ताओं ने राजभवन कूच करते हुए राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में परेड मैदान से शुरू हुए मार्च में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने महिला अपराध, बेरोजगारी, स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली, किसानों को मुआवजा न मिलना, पलायन, जंगली जानवरों के हमले और आपदा प्रभावितों की अनदेखी जैसे मुद्दों को लेकर सरकार को घेरा। नेताओं ने हाल के दिनों में हुई लगातार हत्याओं का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।
मार्च के दौरान सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि बीते 15 दिनों में हुई कई हत्याएं प्रशासनिक विफलता का सबूत हैं और यदि जल्द हालात नहीं सुधरे तो पार्टी उग्र आंदोलन करेगी।
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प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। लोकभवन की ओर जाने वाले मार्गों पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया और चार स्तरों में बैरिकेडिंग की गई। इसके बावजूद कुछ प्रदर्शनकारी दो बैरिकेडिंग पार करने में सफल रहे, जिससे कुछ देर के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की और तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली, जिसके बाद पुलिस को भीड़ नियंत्रित करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
कांग्रेस नेताओं ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह अपराध रोकने, महंगाई पर काबू पाने और भ्रष्टाचार पर कार्रवाई करने में नाकाम रही है। पार्टी ने साफ चेतावनी दी कि अगर सरकार ने जल्द ठोस कदम नहीं उठाए, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह प्रदर्शन न सिर्फ मौजूदा हालात के खिलाफ आवाज उठाने की कोशिश है, बल्कि आगामी चुनावों से पहले जनता के मुद्दों को जोर-शोर से उठाकर सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति का हिस्सा भी है। अब देखना होगा कि इस शक्ति प्रदर्शन का राज्य की राजनीति और चुनावी समीकरणों पर कितना असर पड़ता है।


