नई दिल्ली। किसानों और मजदूरों के अधिकारों के लिए जीवनभर संघर्ष करने वाले महान क्रांतिकारी नेता ‘दीनबंधु’ सर छोटू राम जी की जयंती पर आज पूरे देश में उन्हें श्रद्धा और सम्मान के साथ याद किया गया। विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक और किसान संगठनों ने उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके योगदान को नमन किया।
सर छोटू राम को ‘किसानों के मसीहा’ के रूप में जाना जाता है। उन्होंने अपने संघर्षों और नीतियों के माध्यम से किसानों, मजदूरों और वंचित वर्गों के लिए न्याय, अधिकार और आर्थिक सशक्तिकरण का मार्ग तैयार किया। उन्होंने ब्रिटिश शासन के दौरान कई ऐतिहासिक कानूनों की नींव रखी, जिससे किसान समुदाय को अत्यधिक राहत मिली थी।
नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कहा कि दीनबंधु सर छोटू राम जी का जीवन त्याग, संघर्ष और जनसेवा का प्रतीक है। उनके द्वारा उठाए गए कदम आज भी कृषि क्षेत्र और ग्रामीण समाज की प्रगति का मार्गदर्शन करते हैं।
जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों में वक्ताओं ने उनके विचारों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया और किसानों के उत्थान, न्याय और समानता की दिशा में कार्य करने का आह्वान किया।
देशभर में विभिन्न स्थानों पर संगोष्ठियों, श्रद्धांजलि सभाओं और विचार गोष्ठियों का आयोजन किया गया, जिनमें प्रतिभागियों ने उनके संदेश—“किसान राष्ट्र की रीढ़ है”—को पुनः आत्मसात किया।
'किसानों के मसीहा' एवं महान क्रांतिकारी नेता, 'दीनबंधु' सर छोटू राम जी की जयंती पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन।
किसानों, मजदूरों और वंचितों के उत्थान के लिए समर्पित उनका जीवन हम सभी के लिए अनंत प्रेरणा का स्रोत रहेगा। pic.twitter.com/gT1pe1iFxe
— Manohar Lal (@mlkhattar) November 24, 2025


