Dabur India Share Price: डाबर की एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, चौथी तिमाही में ग्रामीण बाजार शहरी बाजारों से अधिक विकसित हुए।
Dabur India Share Price: Dabur India ने मार्च 2025 की चौथी तिमाही (Q4FY25) के लिए कम व्यावसायिक अपडेट दिया है। 4 अप्रैल को डाबर के शेयरों ने 7 प्रतिशत से अधिक की गिरावट से 52 सप्ताह के निचले स्तर पर पहुंच गया। लचीली ग्रामीण बिक्री और मजबूत अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शन ने घरेलू मांग के रुझान को बदला।
बाजार में मिला-जुला प्रदर्शन
डाबर की एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, चौथी तिमाही में ग्रामीण बाजार शहरी बाजारों से अधिक विकसित हुए। वर्तमान व्यापार, ई-कॉमर्स और त्वरित कमर्शियल चैनलों ने अच्छी तरह से काम किया, लेकिन सामान्य व्यापार दबाव में रहा। कुल मिलाकर, FMCG क्षेत्र में वॉल्यूम रुझान सुस्त रहा है।
मध्य पूर्व और उत्तरी अफ्रीका (MENA), मिस्र और बांग्लादेश जैसे बड़े बाजारों ने अंतरराष्ट्रीय मोर्चे पर मजबूत प्रदर्शन किया। लचीली मांग और रणनीतिक विस्तार से प्रेरित, डाबर को अपने अंतरराष्ट्रीय कारोबार से मजबूत दोहरे अंकों की वृद्धि की उम्मीद है।
Dabur Q4 Results 2025 date and time
एक्सचेंज फाइलिंग में डाबर इंडिया लिमिटेड ने स्टॉक एक्सचेंजों को बताया कि बुधवार 7 मई 2025 को कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक होगी. इस बैठक में 31 मार्च 2025 को समाप्त तिमाही या वित्तीय वर्ष के लिए कंपनी के ऑडिट किए गए वित्तीय परिणामों पर चर्चा और मंजूरी की जाएगी।
राजस्व पर पड़ा दबाव
डाबर के घरेलू FMCG सेगमेंट को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मजबूत प्रदर्शन के बावजूद चुनौतियों का सामना करना पड़ा। कंपनी ने शहरी मांग में गिरावट के साथ-साथ धीमी और छोटी सर्दियों के प्रभावों को बिक्री को प्रभावित करने वाले दो बड़े कारक बताए। ‘होममेड’ और ‘बादशाह’ जैसे ब्रांडों सहित इसके खाद्य व्यापार ने दोहरे अंकों की वृद्धि दर्ज की, लेकिन भारत के समग्र FMCG सेगमेंट में मध्य-एकल अंकों में गिरावट का अनुमान है।
Dabur Share Price Performance
बिजनेस अपडेट के बाद डाबर का स्टॉक 7.2 प्रतिशत गिरकर ₹459.65 पर आ गया, जो पिछले पांच महीने का सबसे निचला स्तर है। सितंबर 2024 में दर्ज किए गए अपने 52-सप्ताह के उच्चतम स्तर ₹672.00 से अब 31 प्रतिशत से अधिक कम है FMCG प्रमुख। स्टॉक में पिछले एक वर्ष में 7 प्रतिशत की गिरावट आई है, जो निवेशकों को मांग के रुझान और मार्जिन दबावों पर चिंतित करता है।
शेयरों में हाल के महीनों में गिरावट देखने को मिली है। जनवरी में इसमें 4.5% की वृद्धि हुई, लेकिन फरवरी में ७% की गिरावट आई, फिर मार्च में 2.6% की वृद्धि हुई। हाल ही में हुई बिकवाली से पता चलता है कि निवेशकों में कंपनी की निकट भविष्य में उन्नति की संभावनाओं को लेकर फिर से चिंताएं बढ़ी हैं।
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