टीम इंडिया के कप्तान सूर्यकुमार यादव इस समय अपने करियर के शानदार दौर से गुजर रहे हैं। न्यूजीलैंड के खिलाफ चल रही टी20 सीरीज में उनका बल्ला लगातार रन उगल रहा है और अब सीरीज के पांचवें व अंतिम मुकाबले में उनके पास इतिहास रचने का सुनहरा अवसर है। तिरुअनंतपुरम के ग्रीनफिल्ड स्टेडियम में खेले जाने वाले इस मुकाबले में सूर्यकुमार यादव टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में 3000 रन पूरे कर सकते हैं।
अब तक खेले गए मैचों पर नजर डालें तो सूर्यकुमार यादव ने 103 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों की 97 पारियों में 2967 रन बनाए हैं। यानी उन्हें इस खास मुकाम तक पहुंचने के लिए केवल 33 रनों की जरूरत है। यदि वह यह आंकड़ा छू लेते हैं, तो वह भारत की ओर से टी20 इंटरनेशनल में 3000 रन बनाने वाले तीसरे बल्लेबाज बन जाएंगे। उनसे पहले यह उपलब्धि केवल विराट कोहली और रोहित शर्मा के नाम दर्ज है।
इस सीरीज में सूर्यकुमार यादव का प्रदर्शन काबिले-तारीफ रहा है। कप्तान के रूप में उन्होंने न सिर्फ टीम का नेतृत्व मजबूती से किया है, बल्कि अपने आक्रामक और नवाचारी बल्लेबाजी अंदाज से विपक्षी गेंदबाजों पर लगातार दबाव भी बनाया है। उनकी 360 डिग्री बल्लेबाजी और मैदान के चारों ओर शॉट खेलने की क्षमता उन्हें टी20 क्रिकेट का सबसे खतरनाक बल्लेबाज बनाती है।
अगर सूर्यकुमार यादव 3000 रन का आंकड़ा छू लेते हैं, तो वे टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे तेज इस मुकाम तक पहुंचने वाले बल्लेबाजों की सूची में संयुक्त रूप से पांचवें स्थान पर आ जाएंगे। इस मामले में उनके पास ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान एरॉन फिंच की बराबरी करने का मौका होगा, जिन्होंने 98 पारियों में 3000 रन पूरे किए थे। सूर्या भी लगभग उतनी ही पारियों में इस उपलब्धि को हासिल करने की दहलीज पर हैं।
टीम इंडिया के लिए यह मुकाबला सिर्फ एक रिकॉर्ड तक सीमित नहीं है। सीरीज के अंतिम मैच में भारत की नजरें जीत के साथ सीरीज का समापन करने पर होंगी। सूर्यकुमार यादव की फॉर्म टीम के लिए बड़ी ताकत साबित हो रही है, वहीं उनके साथ युवा बल्लेबाजों का योगदान भी अहम माना जा रहा है। न्यूजीलैंड के खिलाफ इस मुकाबले में दर्शकों को एक रोमांचक संघर्ष देखने की उम्मीद है।
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि सूर्यकुमार यादव ने बीते कुछ वर्षों में खुद को टी20 क्रिकेट के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में शामिल कर लिया है। बड़े मंच पर रन बनाना और दबाव की परिस्थितियों में टीम को संभालना उनकी खासियत बन चुकी है। कप्तान के तौर पर भी उनका आत्मविश्वास और रणनीतिक सोच साफ नजर आती है।
अब सभी की निगाहें तिरुअनंतपुरम के मैदान पर टिकी हैं, जहां सूर्यकुमार यादव एक और ऐतिहासिक अध्याय लिखने के बेहद करीब हैं। यदि बल्ला चला, तो यह मैच भारतीय क्रिकेट के लिए यादगार बन सकता है।


