शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने बताया कि राज्य विश्वविद्यालयों में कार्यरत संविदात्मक प्राध्यापकों के लिए ‘सेवा सुरक्षा विधेयक’ का प्रारूप तैयार करने पर सरकार विचार कर रही है।
प्रदेश सरकार राज्य विश्वविद्यालयों में संविदात्मक आधार पर कार्यरत प्राध्यापकों को सेवा सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रही है। शिक्षा मंत्री Mahipal Dhanda ने बताया कि सरकार ‘सेवा सुरक्षा विधेयक’ का प्रारूप तैयार करने पर विचार कर रही है।
उन्होंने कहा कि इस प्रस्तावित विधेयक के माध्यम से विश्वविद्यालयों में कार्यरत संविदा प्राध्यापकों के सेवा अधिकारों, कार्यकाल की स्थिरता और भविष्य की सुरक्षा को लेकर स्पष्ट प्रावधान किए जा सकते हैं। इस संबंध में विभिन्न विभागों के साथ विचार-विमर्श जारी है, ताकि व्यापक और व्यवहारिक नीति तैयार की जा सके।
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शिक्षा मंत्री ने संकेत दिया कि राज्य सरकार उच्च शिक्षा संस्थानों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ-साथ शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। लंबे समय से संविदात्मक आधार पर कार्य कर रहे प्राध्यापकों को सेवा सुरक्षा मिलने से शैक्षणिक वातावरण में स्थिरता आएगी और शिक्षण कार्य में निरंतरता बनी रहेगी।
सरकार का मानना है कि यदि विधेयक का मसौदा अंतिम रूप लेता है, तो इससे विश्वविद्यालयों में कार्यरत हजारों संविदा शिक्षकों को लाभ मिल सकता है और उच्च शिक्षा क्षेत्र को मजबूती मिलेगी।

