मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने थल सेना दिवस के अवसर पर देश की रक्षा के लिए सदैव तत्पर अदम्य साहस, शौर्य और पराक्रम के प्रतीक भारतीय थल सेना के वीर सैनिकों को हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना का अनुशासन, समर्पण और त्याग हर भारतवासी के लिए प्रेरणास्रोत है और देश की सुरक्षा की मजबूत आधारशिला है।
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा, “माँ भारती की सुरक्षा और सम्मान के लिए आपके अटूट संकल्प, अनुशासन और त्याग को राष्ट्र नमन करता है।” उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी भारतीय थल सेना ने हमेशा अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए देश की सीमाओं की रक्षा की है और आंतरिक सुरक्षा को सुदृढ़ बनाया है।
सीएम सैनी ने कहा कि थल सेना दिवस केवल एक सैन्य उत्सव नहीं है, बल्कि यह देश की संप्रभुता, एकता और अखंडता के प्रति सेना के अटूट समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि बर्फीली चोटियों से लेकर रेगिस्तान और घने जंगलों तक, हर मोर्चे पर हमारे सैनिकों ने अपने शौर्य और साहस से दुश्मनों के मंसूबों को नाकाम किया है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि भारतीय थल सेना न केवल सीमाओं की रक्षा करती है, बल्कि प्राकृतिक आपदाओं, बाढ़, भूकंप और अन्य संकटों के समय राहत एवं बचाव कार्यों में भी अहम भूमिका निभाती है। सेना की त्वरित प्रतिक्रिया और मानवीय संवेदनशीलता ने देशवासियों का विश्वास और सम्मान और भी मजबूत किया है।
उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे सेना के अनुशासन, राष्ट्रभक्ति और कर्तव्यनिष्ठा से प्रेरणा लें और देश के विकास व सुरक्षा में अपना योगदान दें। मुख्यमंत्री ने कहा कि सैनिकों का जीवन हमें सिखाता है कि राष्ट्रहित सर्वोपरि है और इसके लिए त्याग और समर्पण आवश्यक है।
थल सेना दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने उन वीर जवानों और शहीदों को भी श्रद्धांजलि अर्पित की, जिन्होंने राष्ट्र की रक्षा में अपने प्राणों की आहुति दी। उन्होंने कहा कि शहीदों का बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकता और उनका त्याग सदैव आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देता रहेगा।
अंत में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भारतीय थल सेना के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि पूरा देश अपने वीर सैनिकों के साथ मजबूती से खड़ा है और उनके शौर्य पर हर भारतवासी को गर्व है।


