मुख्यमंत्री ने जनसेवा सदन में एमसीडी के एमटीएस कर्मियों से मुलाकात की। वेतन वृद्धि के फैसले पर कर्मचारियों ने सरकार का आभार जताया। मुख्यमंत्री ने कहा— कर्मयोगियों का सम्मान ही सुशासन की नींव है।
दिल्ली के मुख्यमंत्री जनसेवा सदन में आज दिल्ली नगर निगम (MCD) के एमटीएस कर्मियों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और सरकार द्वारा हाल ही में लिए गए वेतन वृद्धि के फैसले पर उनकी प्रतिक्रिया सुनी। इस अवसर पर एमटीएस कर्मियों ने सरकार के इस निर्णय के लिए आभार व्यक्त किया और कहा कि इससे कर्मचारियों का मनोबल बढ़ा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार “कर्मयोगी के सम्मान” को सुशासन का मूल मंत्र मानकर काम कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार के लिए हर कर्मचारी सिर्फ व्यवस्था का हिस्सा नहीं, बल्कि विकसित दिल्ली के निर्माण का आधार स्तंभ है। उन्होंने कहा कि दिल्ली की सेवा में दिन-रात जुटे कर्मयोगियों का सम्मान और सशक्तिकरण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि कर्मचारियों के कल्याण से ही सेवाओं की गुणवत्ता बेहतर होती है और इसका सीधा लाभ आम जनता को मिलता है। सरकार का उद्देश्य है कि हर स्तर पर काम करने वाले कर्मचारियों को सम्मान, सुरक्षा और उचित सुविधाएं मिलें, ताकि वे और अधिक समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभा सकें।
इस कार्यक्रम में दिल्ली नगर निगम के महापौर राजा इकबाल सिंह, स्टैंडिंग कमेटी की अध्यक्ष सत्या शर्मा, एमसीडी के नेता सदन प्रवेश वाही सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे। सभी ने कर्मचारियों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि शहर की सफाई, व्यवस्था और सेवाओं को सुचारू रूप से चलाने में एमटीएस कर्मियों का योगदान बेहद अहम है।
एमटीएस कर्मियों ने मुख्यमंत्री और सरकार का धन्यवाद करते हुए कहा कि वेतन वृद्धि जैसे फैसले से न सिर्फ उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा, बल्कि काम करने का उत्साह भी बढ़ेगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे पहले से भी अधिक मेहनत और जिम्मेदारी के साथ दिल्ली की सेवा करते रहेंगे।
कुल मिलाकर, यह मुलाकात कर्मचारियों के सम्मान, संवाद और सशक्तिकरण की दिशा में सरकार के प्रयासों को दर्शाती है और यह संदेश देती है कि विकसित दिल्ली के लक्ष्य में कर्मयोगियों की भूमिका केंद्रीय है।


