मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी 2.0 कार्यक्रम के अंतर्गत नवनियुक्त सुशासन सहयोगियों की पहली बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini ने उपायुक्तों और सुशासन सहयोगियों से विकसित हरियाणा–विकसित भारत के विजन को साकार करने में सक्रिय और अमूल्य योगदान देने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन सहयोगी प्रशासन और जनता के बीच सेतु का कार्य करते हैं तथा नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने निर्देश दिए कि राज्य सरकार द्वारा चिन्हित 6 प्रमुख क्षेत्रों—शिक्षा, स्वास्थ्य, अपशिष्ट प्रबंधन, मानव संसाधन, बुनियादी ढांचा और सुशासन—में ठोस कार्ययोजना के साथ कार्य करते हुए निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध रूप से प्राप्त किया जाए।
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि नवाचार, तकनीक और जवाबदेही के साथ किए गए प्रयास ही प्रदेश को विकास की नई ऊँचाइयों तक ले जाएंगे। उन्होंने अपेक्षा जताई कि सुशासन सहयोगी जमीनी स्तर पर समस्याओं की पहचान कर समाधान सुनिश्चित करेंगे और सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने में निर्णायक भूमिका निभाएंगे।
बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों ने भी अपने विचार साझा किए और सुशासन को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए सहयोगात्मक कार्यप्रणाली पर बल दिया गया।


